साहित्य के कुंभ में डुबकी लगानी है तो पधारिए जयपुर

साहित्य के कुंभ में डुबकी लगानी है तो पधारिए जयपुर

जयपुर एक परंपराओं का शहर, जयपुर गंगा-जमुनी तहज़ीब का शहर, जयपुर एक स्वाद का शहर, जयपुर एक उत्सवों का शहर। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए अब जयपुर साहित्य का शहर भी बन चुका है। अगर आप भी उनमें से हैं जिन्हें साहित्य पसंद है। किताबों के पन्नों से आपको खुशबू आती है। किताबों की दुनिया आपको जादू की मानिंद नज़र आती है तो बस अपने बैग को पैक कीजिए और चले आइए गुलाबी नगरी। जहां दुनिया के सबसे बड़े लिटरेचर फेस्टिवल जेएलएफ यानी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन होने वाला है। होटल क्लार्क्स आमेर में यह फेस्टिवल 15 जनवरी से 19 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। पांच दिन के इस उत्सव में साहित्य के बारे में तो बात होगी, इसके साथ ही म्यूज़िकल नाइट्स भी कुछ ख़ास रहने वाली हैं।

कौन होंगे शो स्टॉपर

इस फेस्टिवल में नेशनल और इंटरनेशनल लेवल के लेखक और विद्वान हिस्सा लेते हैं। इसमें नोबेल लॉरिएट्स, बुकर प्राइज़ विनर शामिल हैं। वहीं अगर हम शो स्टॉपर की बात करें तो भारतीय ऑडियंस को अपने शब्दों की जादूगरी से रिझाने वाले जादू यानी जावेद अख़्तर की मौजूदगी ख़ास रहने वाली है। उनका सेशन पहले ही दिन है, जहां वे लेखन और रचनात्मकता में सोशल मीडिया के प्रभाव के बारे में बातचीत करेंगे। इसके अलावा तारे ज़मीं पर फ़ेम गीतकार प्रसून जोशी का सेशन भी ख़ास रहने वाला है।

बानु मुश्ताक की कहानी हार्ट लैंप

कर्नाटक की बानु मुश्ताक लेखक होने के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता और वकील हैं। वे अपने लेखन में मुस्लिम और दलित महिलाओं के संघर्षों को उजागर करती आई हैं। वे जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में अपनी बुक हार्ट लैंप के बारे में चर्चा करेंगी। यह बुक छोटी-छोटी कहानियों का एक संग्रह है। इसे साल 2025 का बुकर प्राइज़ मिला है। कन्नड़ भाषा की यह पहली कृति है जिसे यह सम्मान मिला है। इस पुस्तक का अंग्रेज़ी अनुवाद दीपा भस्थी ने किया है। अगर हम बानु की बात करें तो उनका ख़ुद का जीवन किसी कहानी से कम नहीं है। लेकिन जैसा कि हमेशा होता है, सफल और सकारात्मक लोग परिस्थितियों से हारते नहीं हैं। वे जीतते हैं। बानु भी ऐसी ही हैं। वहीं उनकी कहानियों की नायिकाएं भी कोई गुड़िया नहीं हैं। वे योद्धा हैं। वे विद्रोही हैं।

क्या होगा जेएलएफ में

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में बुक लवर्स को अपने लेखकों के साथ संवाद करने का मौका भी मिलता है। इस फेस्टिवल में अलग-अलग तरह के सेशंस आयोजित किए जाते हैं, जहां लेखक अपनी किताबों और उससे जुड़ी बातों को साझा करते हैं। वहीं सेशन के अंत में सवाल-जवाब भी होते हैं, जहां आप अपने पसंदीदा लेखक से सवाल के ज़रिए बात कर सकते हैं। इतना ही नहीं, सेशन के बाद आप उनकी बुक पर ऑटोग्राफ़ भी ले सकते हैं।

तो कैसे कर सकते हैं प्रवेश

अगर आप लिटरेचर फेस्टिवल में हिस्सा लेना चाहते हैं तो आप जेएलएफ की वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसमें अलग-अलग कैटेगरी के रजिस्ट्रेशन हैं। स्टूडेंट्स के लिए रजिस्ट्रेशन फ़ीस 100 रुपए है। वहीं जनरल रजिस्ट्रेशन की फ़ीस 200 रुपए प्रतिदिन है। इसके अलावा आप वर्चुअल सेशंस भी अटेंड कर सकते हैं। यह फ़्री हैं।

तो देर किस बात की, आइए जयपुर और शामिल हो जाइए देश ही नहीं, दुनिया के नामचीन साहित्य उत्सव में। जहां आपके सपनों के लेखक आपके सामने होंगे। यहां न केवल आपको गहराई से साहित्य को जानने का मौका मिलेगा, बल्कि आप राजस्थान की संस्कृति और स्वाद से भी रुबरु होंगे। जयपुर आना आपके लिए बहुत आसान है। चूंकि यह शहर एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन है और राजस्थान की राजधानी है। ऐसे में बहुत से शहरों से हवाई, रेल और बस के माध्यम से आप आसानी से पहुंच सकते हैं। हां, ध्यान देने की बात यह है कि यह समय टूरिस्ट का पीक सीज़न है। ऐसे में आप होटल बुकिंग एडवांस में कर लें तो बेहतर रहेगा। होटल क्लार्क्स आमेर में या इसके आसपास होटल बुकिंग करें। इससे साहित्य उत्सव को आप आराम से एंजॉय कर पाएंगे। आने-जाने में आपका समय भी बचेगा।

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