lekh-junction-header
Editor's ChoiceApna GyaanParenting LifeStyleSuccessful FailureHealthCinema ki GupShupEast Meets WestLekhJunction GlobalCityJustCareerLekhJunction TechJaipur Literature Festival 2025SportsJaipur Literature Festival 2026

Read latest and other stories

Latest Stories

पीटी उषा का 42 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ विथ्या रामराज ने एशियन गेम्स में जीता ब्रॉन्ज

पीटी उषा का 42 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ विथ्या रामराज ने एशियन गेम्स में जीता ब्रॉन्ज

जब आप किसी चीज को पूरी शिद्दत से चाहते हैं तो पूरी कायनात आपको उसे मिलाने के पीछे लग जाती है। यह बेशक एक फिल्म का डायलॉग है। फिल्मों के ये डायलॉग सुनकर हमें लगता है कि शायद सच में ऐसा ही होता होगा।...

आप कुछ भी कहते और करते रहिए, हिंदुस्तान अमन का पैगाम लिखता रहेगा

आप कुछ भी कहते और करते रहिए, हिंदुस्तान अमन का पैगाम लिखता रहेगा

दिल्ली की जामा मस्जिद, जुमे की नमाज के बाद नमाजी अपने घर लौटने की तैयारी में थे, तभी एक ऐलान हुआ कि एक बच्ची बहुत बीमार है और उसे इलाज के लिए मदद की जरूरत है। अमूमन मस्जिद में इस तरह के ऐलान होते...

जयपुर वालों चलो, आज अपने ही शहर को एक टूरिस्ट की तरह घूमकर देख लो

जयपुर वालों चलो, आज अपने ही शहर को एक टूरिस्ट की तरह घूमकर देख लो

वो कहते हैं ना, कभी-कभी ऐसा होता है कि लगता है कि शायद ऊपर वाले ने हमारे लिए कुछ स्पेशल प्लानिंग कर रखी है। तो आज की प्लानिंग शायद घूमने को लेकर है। दोस्तों, आज संडे का दिन है और तारीख है 27 सितंबर।...

Editor's Choice

View All →
आप कुछ भी कहते और करते रहिए, हिंदुस्तान अमन का पैगाम लिखता रहेगा

आप कुछ भी कहते और करते रहिए, हिंदुस्तान अमन का पैगाम लिखता रहेगा

दिल्ली की जामा मस्जिद, जुमे की नमाज के बाद नमाजी अपने घर लौटने की तैयारी में थे, तभी एक ऐलान हुआ कि एक बच्ची बहुत बीमार है और उसे इलाज के लिए मदद की जरूरत है। अमूमन मस्जिद में इस तरह के ऐलान होते...

रस्किन बॉन्ड ने बता दिया कि बड़े होने के मायने क्या होते हैं

रस्किन बॉन्ड ने बता दिया कि बड़े होने के मायने क्या होते हैं

देहरादून.... दूर पहाड़ों पर बसा एक शहर, जो अपने कल्चर, कॉफी, पेस्ट्री और एक तहजीब का नाम है। जो लोग वेबसीरीज देखते हैं, वे लोग ‘मुसाफिर कैफे’ वेबसीरीज जान ही चुके हैं कि जिंदगी की भागदौड़...

यह तजुर्बा है जनाब, समझदार इतना कि हमारा बचपन इससे रूठ जाता है

यह तजुर्बा है जनाब, समझदार इतना कि हमारा बचपन इससे रूठ जाता है

तजुर्बा भी अजीबोगरीब शै है। जैसे-जैसे जिंदगी के रास्तों से गुजरते हुए यह हमारे साथ आता है, अपने पीछे बहुत कुछ छोड़ जाता है और हमसे बहुत कुछ ले भी जाता है। सबसे पहले मासूमियत जाती है, फिर बे-सबब...

Apna Gyaan

View All →
अब हाउसवाइफ नहीं, जेनरेशन मेकर कहिए

अब हाउसवाइफ नहीं, जेनरेशन मेकर कहिए

आप करती क्या हैं? कुछ नहीं, एक हाउसवाइफ हूं। बरसों से घर संभाल रही महिलाओं की कंडीशनिंग ही कुछ ऐसी हो गई है कि इस सवाल के जवाब में वे अक्सर यही कहती हैं। यहां तक कि अपना परिचय भी कुछ इसी अंदाज में...

अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद का व्यवहार जो सभी के लिए सीख बन गया

अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद का व्यवहार जो सभी के लिए सीख बन गया

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ था। यह शिखर सम्मेलन अब खत्म हो चुका है। इस आयोजन में कूटनीतिक चर्चाएं भी खास रहीं। सबसे बड़ी बात यह है कि भारत ने इस...

कर्कश आवाज, लंबी कद-काठी और जोड़ी में जिंदगी... ये है सारस की कहानी

कर्कश आवाज, लंबी कद-काठी और जोड़ी में जिंदगी... ये है सारस की कहानी

भरतपुर की धरती पर एक ऐसी आवाज सुनाई देती है, जो पहली बार सुनने पर भले ही कर्कश लगे, लेकिन अपने आप में बेहद खास है। यह आवाज है सारस क्रेन की। करीब 6 फीट तक ऊंचा खड़ा होने वाला सारस अपनी लंबी टांगों,...

Parenting

View All →
क्या मां-बाप का ज्यादा उम्र गुजार देना एक गुनाह हो जाता है?

क्या मां-बाप का ज्यादा उम्र गुजार देना एक गुनाह हो जाता है?

हम सभी लोग इस दुनिया में एक तय समय के लिए हैं। हम सभी मानते हैं कि हम सभी के आने और जाने का वक्त ऊपरवाला तय करता है। कुछ लोगों पर ऊपरवाला बड़ा मेहरबान होता है। वो एक अच्छी उम्र भी गुजारते हैं और...

तो क्या पेरेंट्स से अपनी बात कहने में डर लगता है ?

तो क्या पेरेंट्स से अपनी बात कहने में डर लगता है ?

अगर अभी हम अपने इंटरनेट की फीड की बात करेंगे तो हाई-प्रोफाइल मर्डर केतन अग्रवाल की खबरों से भरी हुई है। केतन को उन्हीं की मंगेतर सिया गोयल ने खाई में धक्का देकर मौत की नींद सुला दिया। हम यहां आपसे...

बच्चों के हाथ में मोबाइल कैसे आया है? इस सवाल का जवाब आप ढूंढें

बच्चों के हाथ में मोबाइल कैसे आया है? इस सवाल का जवाब आप ढूंढें

अगर हम आज के दौर की बात करें तो सारी पेरेंट्स कम्युनिटी इस बात को लेकर परेशान है कि आखिर हम अपने बच्चों से किस तरह से मोबाइल को दूर करें। अगर मोबाइल नहीं होता तो हमारे बच्चे इरिटेट होने लगते हैं।...