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तो क्या पेरेंट्स से अपनी बात कहने में डर लगता है ?

तो क्या पेरेंट्स से अपनी बात कहने में डर लगता है ?

अगर अभी हम अपने इंटरनेट की फीड की बात करेंगे तो हाई-प्रोफाइल मर्डर केतन अग्रवाल की खबरों से भरी हुई है। केतन को उन्हीं की मंगेतर सिया गोयल ने खाई में धक्का देकर मौत की नींद सुला दिया। हम यहां आपसे...

केप वर्डे से कांटे की टक्कर के बाद अर्जेंटीना टॉप 16 में शामिल

केप वर्डे से कांटे की टक्कर के बाद अर्जेंटीना टॉप 16 में शामिल

केप वर्डे और अर्जेंटीना के मैच को फीफा वर्ल्ड कप के इस सीजन का सबसे दिलचस्प और रोमांचक मुकाबला कहना गलत नहीं होगा। 90 मिनट तक दोनों टीमें 1-1 से बराबर रहीं। लेकिन राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में...

किस्मत के सहारे पुर्तगाल भी लगी किनारे, राउंड ऑफ 16 में किया क्वालीफाई

किस्मत के सहारे पुर्तगाल भी लगी किनारे, राउंड ऑफ 16 में किया क्वालीफाई

रोनाल्डो को सारथी बनाय हुए पुर्तगाल फीफा वर्ल्डकप 2026 को जीतने के इरादे से खेल रही है और राउंड ऑफ के मुक़ाबले में उसने क्रोएशिया को 2-1 हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। इस मैच का रोमांच...

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अगर आपको भी लगता है कि बुढ़ापे में कौन बनेगा सहारा, तो बैंक में जमा कर लीजिए समय

अगर आपको भी लगता है कि बुढ़ापे में कौन बनेगा सहारा, तो बैंक में जमा कर लीजिए समय

अगर आपको भी लगता है कि बुढ़ापे में कौन बनेगा सहारा, तो बैंक में जमा कर लीजिए समय। यह बात एकदम सोलह आने सच है कि जमाना बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस वक्त के साथ हम सभी बहुत तेजी से भागते चले जा रहे...

तो क्या अब हम अगले ट्विशा जैसे ही किसी केस का इंतजार कर रहे हैं?

तो क्या अब हम अगले ट्विशा जैसे ही किसी केस का इंतजार कर रहे हैं?

इन दिनों देशभर में ट्विशा का केस सुर्खियां बटोर रहा है। ट्विशा शर्मा ने ससुराल की यातनाओं से प्रताड़ित होकर अपनी जान गंवा दी। छह महीने की उसकी शादी में ना जाने क्या हुआ कि उसने मौत को गले लगाना...

अब मौलिक अधिकार में शामिल है मासिक धर्म स्वच्छता

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पीरियड को लेकर हमारे भारत में एक अजीब किस्म का असमंजस का माहौल रहता है। हालांकि हम सभी लोग जो एक खुली मानसिकता रखते हैं, वो मानते हैं कि महिलाओं के जीवन में पीरियड का होना बेहद नॉर्मल है। लेकिन इससे...

Apna Gyaan

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क्या वाकई हर जमाना अपने आप में बेस्ट होता है?

क्या वाकई हर जमाना अपने आप में बेस्ट होता है?

हम हमेशा सुनते आए हैं अपने मां-बाप से, अपने दादा-दादी से उनके जमाने के किस्से। हमारे दादा जी के जमाने में तो गांव में बिजली भी नहीं होती थी। वो नदी पार करके स्कूल जाया करते थे। उनका स्कूल और कॉलेज...

तो क्या मिल जाएगा अब कॉरपोरेट मजदूरों को राइट टू डिस्कनेक्ट का अधिकार?

तो क्या मिल जाएगा अब कॉरपोरेट मजदूरों को राइट टू डिस्कनेक्ट का अधिकार?

इंटरनेट और तकनीक की दुनिया ने जहां लोगों की जिंदगी को आसान बनाया है वहीं एक कर्मचारी के तौर पर इसके क्या दुष्प्रभाव होते हैं वो भी किसी से छिपे हुए नहीं हैं। कॉरपोरेट मजदूर अक्सर ऑफिस से लौटने के बाद...

अब शायद हम लोगों में थोड़ा सा भी बर्दाश्त करने की ताकत मानो खत्म हो गई है

अब शायद हम लोगों में थोड़ा सा भी बर्दाश्त करने की ताकत मानो खत्म हो गई है

हाल ही में शादी में हो रही एक घटना का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें स्टेज पर दूल्हे का एक फोटोशूट चल रहा था। यह शूट का ही हिस्सा था शायद कि इस दौरान नोटों की भी बारिश हो रही थी। अब शादी...

Parenting

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तो क्या पेरेंट्स से अपनी बात कहने में डर लगता है ?

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अगर अभी हम अपने इंटरनेट की फीड की बात करेंगे तो हाई-प्रोफाइल मर्डर केतन अग्रवाल की खबरों से भरी हुई है। केतन को उन्हीं की मंगेतर सिया गोयल ने खाई में धक्का देकर मौत की नींद सुला दिया। हम यहां आपसे...

बच्चों के हाथ में मोबाइल कैसे आया है? इस सवाल का जवाब आप ढूंढें

बच्चों के हाथ में मोबाइल कैसे आया है? इस सवाल का जवाब आप ढूंढें

अगर हम आज के दौर की बात करें तो सारी पेरेंट्स कम्युनिटी इस बात को लेकर परेशान है कि आखिर हम अपने बच्चों से किस तरह से मोबाइल को दूर करें। अगर मोबाइल नहीं होता तो हमारे बच्चे इरिटेट होने लगते हैं।...

तो क्या अब हम पेरेंटिंग में चूक रहे हैं?

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अगर हम इस समय की पेरेंटिंग की बात करें तो वो एक अग्निपथ पर चलने जैसा है। बहुत अलग-अलग तरह की पेरेंटिंग की फिलॉसफी हमारे सामने मौजूद है। इसमें शैडो पेरेंटिंग, जेंटल पेरेंटिंग और न जाने कितनी और हमारे...