हम सभी लोग बहुत कल्चर्ड और वेल-मैनर्ड हैं। वहीं अगर कामकाजी लोगों की बात करें तो कॉरपोरेट वर्ल्ड ने उन्हें सॉरी और थैंक यू कहना बहुत अच्छे से सिखाया है। लेकिन कभी आपने गौर किया है कि इस छोटे से शब्द थैंक यू में कितनी ताकत है। यह छोटा सा शब्द वो मिठास है जो रिश्तों में चाशनी घोल देता है। लेकिन होता यह है कि हम गैरों को तो बहुत आसानी से उनकी एक छोटी सी मदद के लिए थैंक यू बोल देते हैं। लेकिन जो हमारे अपने होते हैं उनकी कुछ बड़ी बातों के लिए भी थैंक यू कह देना भूल जाते हैं। तो चलिए मौका भी है, वक्त भी है, दस्तूर भी है। असल में कल यानी नवंबर के चौथे गुरुवार को पूरे विश्व में थैंक्सगिविंग डे मनाया जाता है। लोगों में आदर और अपनापन जताने की भावना को बढ़ाने के लिए नवंबर के चौथे गुरुवार को थैंक्सगिविंग डे मनाया जाता है। यह दिन फैमिली, फ्रेंड्स और अपने से जुड़े लोगों के साथ ग्रैटिट्यूड एक्सप्रेस करने और खुशियां सेलिब्रेट करने का मौका होता है। तो चलिए फिर आप भी कह दीजिए थैंक यू खुद को, खुदा को और अपने आस-पास के लोगों को।
खुद को कहें शुक्रिया
पहले आप अपने आप को थैंक यू कहिए। अपने शरीर को शुक्रिया कहिए आपकी रूह का उसमें बसेरा है। शुक्रिया कहिए अपने दिमाग को वह आपको सही सोचने की अक्ल देता है। अपने दिल को शुक्रिया अदा कहिए। अगर आप एक भावुक इंसान हैं, आपको किसी की तकलीफ को देखकर गम होता है और आप रो पाते हैं, तो इससे बड़ी नेमत और कुछ भी नहीं है। आपको पता है आजकल लोग मशीन की मानिंद हो रहे हैं, उनके अंदर भावनाएं रही नहीं। ऐसे में अगर आपका दिल आज भी भावुक होता है, आप आज भी रो पाते हैं, दूसरों के दर्द को समझ पाते हैं, छोटी-छोटी चीज़ों में खुशियां ढूंढ पाते हैं, तो यह आपके दिल की वजह से है। इस प्यारे से दिल की वजह से आप ऐसा कर पाते हैं। तो अपने दिल को दिल से कह दीजिए थैंक यू। इस दिल ने आपके अंदर जिंदादिली को बरकरार रखा है।
खुदा तुम्हारा शुक्रिया
यह दुनिया कितनी प्यारी है और इस प्यारी सी दुनिया में आप रहते हैं। यह प्यारी सी दुनिया खुदा ने बनाई है। अगर हम महसूस करें तो समझ पाएंगे कि कितना कुछ हमारे आस-पास है जो हमें खुश रखने के लिए काफी है। ठंडी हवाएं हैं, सुबह-सुबह की मीठी सी धूप है, रात को चमकते सितारे हैं, कल-कल बहता पानी है। बहुत कुछ है जो आप महसूस करना चाहें तो करने के लिए है। अगर आप कभी सोचें कि आप अकेले हैं, तो भी आप नेचर से खुद को कनेक्ट कर सकते हैं। उस नीली छतरी वाले ने हमारे रहने के लिए यह खूबसूरत सी काइनात बनाई है। इसे हम देख पाते हैं, सुन पाते हैं, समझ पाते हैं यह सब किसकी वजह से? ऊपर वाले की वजह से। सुबह उठकर आंख खुले तो कह दीजिए शुक्रिया ऊपर वाले से कि एक खूबसूरत सी दुनिया का मैं एक छोटा सा हिस्सा हूं। मैं इस दुनिया में खूब मज़े करने आया हूं और अपने आसपास के लोगों को भी मज़े करवाने आया हूं। तो दिल से शुक्रिया खुदा का, जिन्होंने आपको इस दुनिया में भेजा है।
अपने आस-पास के लोगों को
अगर इस जमाने में हमारे पास ऐसे लोग हैं जिन्हें हम कभी भी फोन कर सकते हैं, जिनसे हम घंटों बात कर सकते हैं। जिनके घर हम जा सकते हैं, जिन्हें हम अपने घर बुला सकते हैं। और सबसे बड़ी बात जिन्हें बुलाने के लिए, जिनके घर जाने के लिए हमें किसी फॉर्मेलिटी की जरूरत नहीं है…तो यकीन मानिए, इससे बड़ी नेमत आज के इस भाग-दौड़ वाले जमाने में कुछ भी नहीं है। हम बहुत खुशक़िस्मत लोग हैं कि अगर हम किसी बात को लेकर खुश हैं तो कोई हमारे साथ सेलिब्रेट करने के लिए मौजूद है। हम बहुत खुशक़िस्मत लोग हैं कि हमें अकेलेपन क्या होता है यह पता ही नहीं। हम जब चाहें उनके साथ बात कर सकते हैं, उनसे रूठ सकते हैं, उनके साथ रह सकते हैं। मेरी नज़र में तो आज के जमाने में इससे बड़ी नेमत और कुछ भी नहीं है। तो दिल से शुक्रिया उन अपनों का जो आपके साथ हैं, जो आपकी जिंदगी में आपकी सबसे बड़ी ताकत हैं। थैंक यू कह दीजिए उन्हें।
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