बॉलीवुड में वैसे तो ज़्यादातर कलाकारों के लिए सफलता का सफर आसान नहीं रहा है। लेकिन नेपोटिज़्म की भीड़ से निकलने वाले कलाकारों को खुद को साबित करने के लिए और भी कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। क्योंकि फिल्मी बैकग्राउंड से होने की वजह से उनकी तुलना हमेशा उनके माता-पिता से होती रहती है। अभिषेक बच्चन के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।
अभिषेक बच्चन इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘बी हैप्पी’ की वजह से चर्चा में हैं। इस फिल्म में वह एक सिंगल पैरेंट की भूमिका में नजर आ रहे हैं, जो अपनी बेटी के सपने पूरे करने के लिए जी-जान लगा देता है। वैसे उनकी असल ज़िंदगी में भी उन्होंने खुद के सपनों को पूरा करने के लिए काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं। उनकी पिछली रिलीज ‘आई वॉन्ट टू टॉक’ में भी उन्होंने बेहतरीन अदाकारी कर साबित कर दिया कि वह शानदार एक्टर हैं। हालांकि, अभिषेक के फिल्मी सफर में हैप्पी मोमेंट्स कम ही रहे हैं। लेकिन उन्होंने निगेटिविटी को झेलते हुए खुद की स्ट्रेंथ पहचानी और अपनी अलग पहचान बनाई। सभी जानते हैं कि उनका एक्टिंग का सफर काफी मुश्किल रहा है।
झेली निगेटिव पब्लिसिटी
इंडस्ट्री में कदम रखते ही उनकी तुलना अमिताभ बच्चन से होने लगी। ‘रिफ्यूजी’ के फ्लॉप होते ही उन पर फ्लॉप एक्टर का ठप्पा लग गया। यह अलग बात है कि वह लगातार फिल्में करते रहे। ऐसा नहीं है कि उन्होंने सफल फिल्में नहीं दीं, लेकिन उनके हिस्से असफलता ही आई। इस असफलता के बावजूद अभिषेक ने एक्टिंग की दुनिया में हार नहीं मानी। ‘गुरु’, ‘रावण’, ‘पा’, ‘द बिग बुल’, ‘दोस्ताना’ जैसी कई सफल फिल्मों के बाद भी वह बॉलीवुड के टॉप एक्टर्स की लिस्ट में अपनी जगह नहीं बना पाए। उन्हें न सिर्फ अपने पिता अमिताभ बच्चन बल्कि पत्नी ऐश्वर्या राय के साथ भी तुलना झेलनी पड़ी।
जबकि तुलना करते समय लोगों ने यह नहीं सोचा कि न तो अमिताभ और न ही ऐश्वर्या अपनी पहली फिल्म से सुपरस्टार बने थे। बल्कि उन्होंने भी असफल फिल्में दी हैं। अभिषेक को खुद को साबित करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा है। भले ही वह मेनस्ट्रीम मसाला फिल्मों के लीड हीरो के रूप में नहीं उभरे, लेकिन उन्होंने अपनी अदाकारी से लोगों को प्रभावित करने में सफलता हासिल की है।
कुछ अलग ट्राई करने से मिली सफलता
भले ही अभिषेक ने कई फिल्मों में बेहतरीन एक्टिंग की हो, लेकिन वह मेनस्ट्रीम बॉलीवुड के टिपिकल लीड हीरो की जगह में फिट नहीं बैठे। सालों तक आलोचना झेलने के बाद अभिषेक ने एक ब्रेक लेकर खुद को समझने की कोशिश की। उन्होंने अपने किरदारों का चुनाव सोच-समझकर करना शुरू किया। ‘ब्रीद: इंटू द शैडोज’ वेब सीरीज़ में उन्होंने एक साइको कैरेक्टर निभाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके बाद उन्होंने फिल्मों का चुनाव भी काफी सोच-समझकर किया। फिर चाहे वो ‘दसवीं’ हो या ‘घूमर’। पिछले दिनों रिलीज़ हुई उनकी फिल्म ‘आई वॉन्ट टू टॉक’ में उनकी जबरदस्त एक्टिंग के लिए IIFA में बेस्ट एक्टर कैटेगरी में नॉमिनेशन भी मिला था।
बेटी से मिलती है प्रेरणा
अभिषेक बच्चन और उनकी बेटी अराध्या के बीच का बॉन्ड बेहद स्ट्रॉन्ग है। उन्होंने एक बार साक्षात्कार में कहा था कि अराध्या उन्हें काफी मोटिवेट करती हैं। ‘बी हैप्पी’ में पिता के किरदार को निभाने के लिए उन्हें अराध्या के साथ उनके बॉन्ड की वजह से मदद मिली। उन्होंने बताया कि पिता और बेटी के रिश्ते को स्क्रीन पर दिखाने में उन्हें असल ज़िंदगी के अनुभवों से सहजता मिली। वह हमेशा अपनी बेटी के लिए खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं। अब वह ‘बी हैप्पी’ में एक पिता की भूमिका में अपनी बेटी का साथ निभाते नजर आने वाले हैं। यह फिल्म प्राइम वीडियो पर 14 मार्च को रिलीज होगी।


