सिर्फ एक त्योहार नहीं हमारी तहज़ीब भी है पतंगबाज़ी

सिर्फ एक त्योहार नहीं हमारी तहज़ीब भी है पतंगबाज़ी

14 जनवरी को देशभर में मकर संक्रांति का आयोजन किया जाएगा। इस दिन राजस्थान की राजधानी जयपुर में होने वाला पतंग उत्सव इस दिन को खास बनाता है। जयपुर की परंपरा रही है कि 14 जनवरी को जयपुरवासी दिनभर अपनी छतों पर रहते हैं और पतंग उड़ाकर इस मकर संक्रांति का आनंद लेते हैं। इस दिन राजस्थान पर्यटन विभाग की ओर से भी विभिन्न तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। वॉल्ड सिटी में इस दिन आप लोगों की पतंगबाज़ी के प्रति दीवानगी देख सकते हैं। लेकिन वॉल्ड सिटी के इतर जो शहर विस्तार ले रहा है वहां पतंगबाज़ी की रौनक वैसी नज़र नहीं आती। लेकिन आप ज़रा थमिए और सोचिए कि पतंगबाज़ी सिर्फ पतंग उड़ाना नहीं है बल्कि एक तहज़ीब को जीना और उसे सींचना भी है।

लांघते हैं जायके

जब आप और आपके पड़ोसी दोनों ही छत पर होते हैं तो ज़ाहिर है कि छतों के ज़रिए जायके भी देहरी को लांघ जाते हैं। तभी तो आप जान पाते हैं कि पड़ोस के गुप्ता जी के यहां स्पेशल अदरक वाली चाय में गुड़ के साथ काली मिर्च भी डाली जाती है और आपके बेसन के पकौड़ों की क्रिस्पीनेस चर्चा तो पूरे मोहल्ले में हो जाती है। खाने-पीने की चीज़ों से सिर्फ स्वाद का ही नहीं पता चलता बल्कि आप के और उनके रिश्तों में बिना किसी एफर्ट के मिठास घुल जाती है।

सोशल होने का ज़रिया

जयपुर शहर की तासीर उसकी गंगा-जुमनी तहज़ीब है। जो लोग भी पतंगबाज़ी करते हैं वो इस बात को अच्छे से जानते हैं कि अगर आप पतंग उड़ा रहे हैं तो ऐसा हो ही नहीं सकता कि आप अपने आस-पास के लोगों से बात ना करें। पतंग उड़ाने के दौरान किसने कितने पेंच काटे, किसी छत पर कटी हुई पतंगें आईं यह सब हिसाब-किताब तो एक दूसरे का अपने आप ही रखने लगते हैं। किसी एक को टारगेट बनाकर उसकी लैग पुलिंग करना, अपना एक ग्रुप क्रिएट कर लेना यह सभी चीज़ें बहुत आम होती हैं।

तो फिर देर किस बात की

बस आप पतंग के रंग में खुद को रंग लीजिए। देखिए किस तरह पतंग और डोर एक दूसरे को थामकर हवाओं से किस तरह बात करते हैं। आपकी पतंग जब हवा के रुख के साथ ऊंची उड़ान भरेगी तो आप भी देखते रह जाएंगे। इस पतंग के साथ ज़िंदगी को जिएं। आप सिर्फ इस बात को समझ पाएंगे कि आपका पेंच कटेगा या आप काटेंगे खुशी आपको बहुत मिलेगी। आपकी अंगुलियों पर जब आसमान में पतंग होगी और आप ज़ोर से चिल्लाकर कहेंगे वो काटा.... तब पता चलेगा कि पतंग में कोई जादू छिपा है। तिल के लड्‌डू और बेसन की पकौड़ियों के साथ आनंद लीजिए पतंगबाज़ी का।

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