फीफा रैंकिंग की टॉप चार टीमों ने सेमिफाइनल में बनाई जगह

फीफा रैंकिंग की टॉप चार टीमों ने सेमिफाइनल में बनाई जगह

फुटबॉल फीफा हमेशा ही रोमांचक होता है। लेकिन इस बार फीफा वर्ल्ड कप में कई नए रिकॉर्ड बने हैं। इसी कड़ी में सेमिफाइनल में पहुंचने को लेकर भी इस बार वह हुआ है, जो पहले कभी नहीं हुआ। दरअसल इस बार इंग्लैंड, अर्जेंटीना, फ्रांस और स्पेन सेमिफाइनल में पहुंच चुकी हैं। यह चारों ही टीमें फीफा रैंकिंग में टॉप चार में आती हैं। सेमिफाइनल में यह पहला मौका है, जब रैंकिंग की टॉप चार टीमें एक साथ पहुंची हैं। गौरतलब है कि फीफा ने 1992 में यह रैंकिंग शुरू की थी। लेकिन अब तक रैंकिंग की टॉप चार टीमें एक साथ सेमिफाइनल में जगह नहीं बना पाई थीं। ऐसे में अब दुनिया की शीर्ष टीमों के बीच मुकाबला देखना दर्शकों के लिए भी कौतूहल का विषय रहने वाला है।

15 जुलाई को पहला सेमिफाइनल

उत्साह की इसी कड़ी में पहला सेमिफाइनल 15 जुलाई को खेला जाएगा। यह मुकाबला फ्रांस और स्पेन के बीच होगा। भारतीय समयानुसार यह मैच रात 12:30 बजे डलास स्टेडियम में खेला जाएगा। फ्रांस के पास स्टार खिलाड़ी के तौर पर एम्बापे मौजूद हैं, जो मेसी के साथ गोल्डन बूट के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं स्पेन के पास मजबूत गोलकीपर उनाई सिमोन हैं। एम्बापे जहां एक बेहतरीन स्ट्राइकर हैं और गोल करने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देते, वहीं सिमोन गोल के सामने मजबूत दीवार बनकर खड़े रहते हैं। उनके नाम इस वर्ल्ड कप में 650 मिनट का क्लीन शीट रिकॉर्ड दर्ज है। इस बार कई दिग्गज स्ट्राइकर भी उनके सामने गोल करने में सफल नहीं हो पाए। अब देखना यह है कि एम्बापे और सिमोन में कौन किस पर भारी पड़ता है।

तो क्या ले पाएगा इंग्लैंड 1986 के वर्ल्ड कप का बदला

इंग्लैंड और अर्जेंटीना का मुकाबला 16 जुलाई को खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच प्रतिद्वंद्विता काफी पुरानी है। इसमें सबसे चर्चित 1986 का वर्ल्ड कप मुकाबला रहा, जिसमें डिएगो माराडोना के 'हैंड ऑफ गॉड' गोल की वजह से अर्जेंटीना को जीत मिली थी। इसके बाद 1998 में डेविड बेकहम को रेड कार्ड मिला और अर्जेंटीना ने पेनल्टी शूटआउट में जीत दर्ज की। हालांकि 2002 में बेकहम ने पेनल्टी गोल कर इंग्लैंड को जीत दिलाई। अब देखना यह है कि इस बार दोनों में से कौन-सी टीम फाइनल में जगह बनाने में सफल होती है।

मेसी के लिए आखिरी मौका

अर्जेंटीना के कप्तान मेसी अपनी जिंदगी का यह आखिरी वर्ल्ड कप खेल रहे हैं। ऐसे में उनके फैंस दुआ कर रहे हैं कि वह वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम करें। अगर वह ऐसा करने में सफल होते हैं तो अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी डिएगो माराडोना के बराबर ही नहीं, बल्कि उनसे भी आगे निकल जाएंगे। इसके साथ ही अगर अर्जेंटीना खिताब जीतता है तो 1962 के बाद लगातार दो फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बनेगी। इससे पहले लगातार दो विश्व कप जीतने का रिकॉर्ड ब्राज़ील और इटली के नाम दर्ज है। अर्जेंटीना ने 2022 का वर्ल्ड कप भी जीता था, जहां उसने फाइनल में फ्रांस को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराया था।

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