अगर आपको है ब्लॉक प्रिंटिंग से प्यार तो करिए राजस्थान में एक्सपीरियंशियल टूर

अगर आपको है ब्लॉक प्रिंटिंग से प्यार तो करिए राजस्थान में एक्सपीरियंशियल टूर

नवंबर का महीना आने को ही है। वे लोग जो घूमने-फिरने के शौकीन हैं, वे इस मौसम में राजस्थान आना पसंद करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि हवा में खुनकी यानी कि हल्की सी ठंडक आ चुकी है और गुलाबी शहर, राजस्थान की राजधानी, अपने टूरिस्ट को बुलाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। वैसे तो राजस्थान हमेशा ही अपने टूरिस्ट का पलकें बिछाकर स्वागत करता है, उनका अभिनंदन करता है। यही वजह है कि रिपीट टूरिज्म राजस्थान में बहुत है। वे लोग जो राजस्थान आते हैं, जयपुर आते हैं और बार-बार आना चाहते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि राजस्थान अपने मोहपाश में अपने टूरिस्ट को बांधने का हुनर जानता है। अगर आपको भी जयपुर से मोहब्बत है और मॉन्यूमेंट्स के अलावा भी कुछ एक्सप्लोर करना है, तो आप इस बार एक्सपीरियंशियल टूर ले सकते हैं, जहां आप जयपुर के खानपान, महल और रजवाड़ों के अलावा रचनात्मकता की खिड़की से झांककर बहुत कुछ देख और महसूस कर सकते हैं।

क्या है एक्सपीरियंशियल टूर

राजस्थान टूरिज्म में पर्यटन विशेषज्ञ संजय कौशिक कहते हैं कि अगर आपको टेक्सटाइल का शौक है, तो जयपुर के आसपास बहुत खजाना है, जहां पर आप आएंगे और एक अनुभव लेकर जाएंगे। इस तरह के टूरिज्म को एक्सपीरियंशियल टूरिज्म कहा जाता है। इस तरह के टूरिस्ट पैकेज सांगानेर और बगरू में प्लान किए जा रहे हैं और विदेशी पर्यटक इन्हें खासा पसंद कर रहे हैं। इस तरह के पैकेज लगभग पांच हजार से बीस हजार के होते हैं, जहां पर्यटक न केवल इन प्रिंट्स को बनते हुए देखता है, बल्कि वो इसके प्रोसेस में शामिल होता है। कह सकते हैं कि यह कभी न भूलने वाला एक अनुभव होता है।

हैंड प्रिंटिंग की जादू भरी दुनिया

अगर आपको हैंड प्रिंटिंग से प्यार है, तो जाहिर है कि ब्लॉक प्रिंट आपके वॉर्डरोब में शामिल होगा ही। ब्लॉक प्रिंट में सांगानेरी और बगरू प्रिंट ने ग्लोबल लेवल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर ली है। आपने भी इन प्रिंट्स को ज़रूर पहना ही होगा। इस प्रिंट को जब आप छूते हैं तो आपको एक नर्मी का एहसास होता है, ऐसा इसलिए क्योंकि यहां के कारीगर बहुत खूबसूरती से इस आर्ट को कपड़ों के ज़रिए आप तक पहुंचाते हैं। यहां की कॉटन बहुत खूबसूरत होती है। इसे पहनने पर आपको ज़रा सी भी चुभन महसूस नहीं होती, ऐसा लगता है जैसे आपकी बॉडी इसे पहनकर खुलकर सांस ले पा रही है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन पर जो प्रिंट होते हैं, उनमें नेचुरल डाईज़ का इस्तेमाल होता है। बगरू और सांगानेर में ही नेचुरल डाईज़ का प्रयोग होता है।

तो चलिए जानते हैं

इस टेक्सटाइल को आप और भी महसूस कर सकते हैं जब आप इन्हें बनने की प्रक्रिया को देखेंगे। बगरू प्रिंट बगरू गांव में बनता है और सांगानेरी प्रिंट जयपुर के पास ही सांगानेर में। यह दोनों ही जगह जयपुर से एक-दो घंटे की दूरी पर हैं। आप चाहें तो यहां खुद से एक्सप्लोर कर सकते हैं। वहीं कई स्टार्टअप भी आगे आए हैं जो आपके लिए एक पर्सनलाइज़्ड टूर पैकेज बनाते हैं। ऐसे ही एक स्टार्टअप ऑल ओके डन के सीईओ हितेश मोजाड़ी कहते हैं। विदेशी टूरिस्ट इस तरह के टूर को बहुत पसंद कर रहे हैं। यहां आकर इन लोगों को भी पता चलता है कि किस तरह राजस्थान के इन दोनों गांवों ने कई सौ साल पुरानी कलाओं को जीवंत रखा है।

यह सीखने की बात है

बगरू और सांगानेर से हम सीख सकते हैं कि अगर आप अपनी कला को अपना यूएसपी बनाते हैं, तो दुनिया उसे पहचानती है। वहीं रिलेवेंसी को बनाए रखना भी ज़रूरी है। दोनों ही जगहों पर आर्टिज़न्स की भरमार है। यहां जब आप आएंगे तो आपको पता चलेगा कि कला कैसे सांस लेती है। सांगानेर में टेक्सटाइल के अलावा ब्लू पॉटरी और हैंडमेड पेपर का काम भी बहुत होता है। यहां के लोग जेनरेशन से इन कामों को करते आए हैं लेकिन नई डिज़ाइन और तकनीक को स्वीकार करने में भी इन्हें ज़रा गुरेज नहीं। इस खूबी की वजह से ही इन्हें पता है कि इंटरनेशनल क्लाइंट को क्या चाहिए। बगरू में तो घरों में ही कुछ लोगों ने टूरिस्ट के लिए एक्सपीरियंस सेंटर बना रखे हैं, जहां वे इन प्रिंट्स को बनने का पूरा प्रोसेस समझ सकते हैं। टूरिस्ट यहां आकर अपने हाथ से बनाया हुआ स्कार्फ या कुछ और जो वो चाहे बना सकता है।

तो फिर आप आ रहे हैं

अगर आप भी रचनात्मक हैं, टेक्सटाइल से आपको प्यार है, तो घूमने के अलावा खुद को एक्सपेरिमेंटल टूर के साथ एक नए सिरे से एक्सप्लोर करिए। राजस्थान और राजस्थानी आपका इंतजार कर रहे हैं।

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