कौन कब जाएगा और कब नहीं, यह सिर्फ ऊपर वाला तय करता है

कौन कब जाएगा और कब नहीं, यह सिर्फ ऊपर वाला तय करता है

अब कुछ नहीं बचा, आप ले जाइए। रास्ते में ऑक्सीजन हटा दिया जाएगा। ये झटके लेंगे, आपको लगेगा कि शायद ये ज़िंदा हैं लेकिन ऐसा नहीं है। वो बॉडी में बची हुई ऑक्सीजन की वजह से ऐसा होगा। इनकी सांस जा चुकी है। जयपुर के जेएनयू अस्पताल में भर्ती अपने दादा मुमताज़ के लिए जब उनके पोते ने यह बात सुनी तो अपने मन को मज़बूत कर अपने दादा की अंतिम यात्रा की तैयारी में लग गया।

80 साल के मुमताज़ यूं तो पिछले दो-तीन सालों से बीमार चल रहे थे, लेकिन पिछले दिनों उनकी तबीयत कुछ ज़्यादा खराब थी। ऐसे में उन्हें जयपुर ले आया गया था, जहां अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान ही उन्हें हार्ट अटैक आया और उन्हें वेंटिलेटर पर ले लिया गया। और वेंटिलेटर पर लेने के थोड़े ही समय बाद डॉक्टर ने बता दिया कि आप इन्हें ले जाइए, इनके अंदर अब कुछ बचा नहीं है।

अंतिम यात्रा की हो गई तैयारी

इधर जहां अस्पताल में यह बात चली कि अब मुमताज़ साहब के अंदर कुछ बचा नहीं है, ऐसे में उनके शहर टोंक में उनकी अंतिम यात्रा की तैयारी भी शुरू हो गई। दूसरी तरफ वो एंबुलेंस से जयपुर से टोंक आ रहे थे। वहीं टोंक में उनके घर पर उनका कफन भी आ गया और मस्जिद से उनको कब्रिस्तान ले जाने के लिए पलंग भी चला गया था। उन्हें शाम के वक्त मिट्टी के सुपुर्द करने की प्लानिंग थी। लेकिन वो कहते हैं ना कि कौन कब जाएगा, यह सिर्फ ऊपर वाला जानता है। जब रास्ते में ऑक्सीजन हटाई गई तो उनकी पल्स नहीं रुकी। यह चीज़ हैरान करने वाली थी। ख़ैर, इसके बाद उन्हें टोंक के ही एक अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है, जहां उनकी हालत बहुत अच्छी तो नहीं है लेकिन स्थिर है।

तो हम क्या सीखें

हमारी मेडिकल साइंस ने बहुत तरक्की की है, लेकिन मेडिकल साइंस भी मानती है कि एक सुपर पावर होती है। इस केस ने बता दिया कि जो हम सोचते हैं, हमेशा वैसा नहीं होता। कब क्या होना है, कैसे होना है  यह तो सिर्फ ऊपर वाला ही फैसला करता है। यह केस अपने आप में हम सभी के लिए एक सीख के तौर पर उभरा है। हमारे दिल से दुआ है कि मुमताज़ साहब को जब ऊपर वाले ने सांसें दी हैं, तो उन्हें सेहत के साथ एक खूबसूरत ज़िंदगी अता करे। बहरहाल, अभी मुमताज़ साहब को सभी की दुआओं की ज़रूरत है।

उम्मीद नहीं छोड़नी

इसके अलावा हमें एक और बात समझने की ज़रूरत है कि हमें कभी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। हमेशा पॉज़िटिव रहें, कोशिश करें और अच्छे की उम्मीद करें। ऊपर वाला बहुत मेहरबान है और वो जो भी करता है, हमारे लिए सबसे अच्छा करता है। तो यह बात तो समझ में आ ही गई कि इंसानों का जाना और आना इंसानों के बस की बात नहीं है। बस अपनी ज़िंदगी को खूबसूरत तरीके से जीना और अच्छे कर्म करना हमारे हाथ में है। तो आज से ही एक खूबसूरत ज़िंदगी की शुरुआत करते हैं।

 इस तरह के और लेख पढ़ने के लिए हमारी केटेगरी "अपना ज्ञान" पर क्लिक करें।

सलमान खान का जवाब: बस मेरे पलटने की देर है!
सलमान खान का जवाब: बस मेरे पलटने की देर है!

'मैंने प्यार किया' के चॉकलेटी बॉय से 'प्यार किया तो डरना क्या' के खूबसूरत बदन वाले सलमान खान! 'हम आपके हैं कौन' के रोमांटिक गाने से दबंग बने सलमान...

Read More
क्या सेलिब्रेशन भी एक रेस बन चुका है
क्या सेलिब्रेशन भी एक रेस बन चुका है

हाल ही में नया साल होकर गया है। नए साल पर सेलिब्रेशन बनता है। हम सभी ने अपने अपने स्तर पर इसे खूब सेलिब्रेट किया। ऐसा नहीं है कि न्यू ईयर सेलिब्रेशन...

Read More