अगर हम बात करें ऑस्कर अवॉर्ड की तो इसकी ग्लोबल लेवल पर अपनी एक फैन फॉलोइंग और चार्म है। इस साल का यह अवॉर्ड भी हाल ही में अमेरिका के डॉल्बी थिएटर में आयोजित हुआ। एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ने ऑस्कर अवॉर्ड्स 2025 का आयोजन किया है। भारत में ऑस्कर अवॉर्ड्स सेरेमनी को सिनेमाप्रेमियों ने स्टार मूवीज और जियो हॉटस्टार पर लाइव देखा। वैसे तो हर साल ही ऑस्कर का आयोजन किया जाता है। लेकिन इस बार भारतीय सिनेमाप्रेमियों को शॉर्ट फिल्म अनुजा से काफी उम्मीदें थीं। यह फिल्म ऑस्कर में शॉर्टलिस्ट हुई थी। लेकिन इस बार का यह अवॉर्ड डच फिल्म आई एम नॉट अ रोबोट ने अपने नाम कर लिया। यही वजह है कि अनुजा अवॉर्ड से चूक गई।
अनुजा से थी उम्मीद
अगर हम भारतीय फिल्मों की बात करें तो साल 2025 के अवॉर्ड के लिए किरण राव की मूवी लापता लेडीज को अवॉर्ड के लिए भेजा गया था। लेकिन यह फिल्म अंतिम 15 में भी जगह नहीं बना पाई और आउट हो गई। वहीं लाइव एक्शन शॉर्ट फिल्म कैटेगरी में अनुजा शॉर्टलिस्ट हुई थी। इस फिल्म से भारतीयों को काफी उम्मीद थीं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस फिल्म का निर्माण गुनीत मोंगा ने किया है। आपको बता दें कि गुनीत की इससे पहले शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री द एलीफेंट व्हिस्परर्स अवॉर्ड ला चुकी है। साल 2023 में गुनीत की इस डॉक्यूमेंट्री को अकादमी पुरस्कार मिला था। ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि गुनीत की यह दूसरी फिल्म भी अवॉर्ड लेकर आएगी।
प्रियंका चोपड़ा से भी है संबंध
23 मिनट की यह छोटी सी फिल्म एक मासूम सी लड़की अनुजा की कहानी है। यह एक संघर्षशील लड़की की कहानी है। गुनीत मोंगा के साथ प्रियंका चोपड़ा भी इस फिल्म का हिस्सा हैं। यह दोनों इस फिल्म की एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं। एडम जे ग्रेव्स के निर्देशन में बनी अनुजा ने लाइव एक्शन शॉर्ट फिल्म कैटेगरी में अपनी जगह बनाई है। यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर अवेलेबल है। इसे आप आसानी से देख सकते हैं। यह एक ऐसी लड़की की कहानी है जो दिल्ली में अपनी बहन के साथ एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करती है। फिर उसकी ज़िंदगी में एक मौका आता है बोर्डिंग स्कूल जाकर अपनी तकदीर को बदल देने का। इस फिल्म में अनुजा का किरदार सजदा पठान ने निभाया है। अगर आप प्रोमो देखेंगे तो आपको अंदाज़ा हो जाएगा कि सजदा ने कितना बेहतरीन अभिनय किया है।
गरीबों के पास सपने होते हैं
यह फिल्म समाज के उस हिस्से की कहानी है जिसके पास सपनों की कोई कमी नहीं है। अनुजा भी एक ऐसी लड़की है। वो भी अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ना चाहती है। इस फिल्म में उसकी बहन का रोल भी कम दिलचस्प नहीं है। अनुजा की बड़ी बहन का रोल अनन्या शानबाग ने निभाया है। फिल्म जब आप देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि चाइल्ड लेबर होना अपने आप में कितना बड़ा संघर्ष है। अनुजा अपनी बहन से पूछती है कि स्मार्ट गर्ल कौन होती हैं? वो जो बोर्डिंग स्कूल में पढ़ती हैं। ऐसे ही इन बहुत सी छोटी-छोटी चीजों और बातों से पता चलेगा कि सपनों को पूरा करने की जुस्तुजू और बेबसी होती क्या है।
चाइल्ड लेबर थी सजदा पठान
इस वक्त जब पूरी दुनिया की निगाहें ऑस्कर पर टिकी हैं तो लोग अनुजा के इस कैरेक्टर के बारे में भी जानना चाह रहे हैं कि आखिर यह लड़की है कौन जिसने एक्टिंग के बल पर ऑस्कर नामांकन में अपनी एंट्री ले ली है। इस लड़की का नाम सजदा पठान है जो खुद एक कलाकार है। लेकिन वो भी चाइल्ड लेबर थीं। इन्हें सलाम बालक ट्रस्ट ने रेस्क्यू किया था। सजदा सड़कों पर अपनी ज़िंदगी गुजार रही थीं लेकिन आज ना केवल अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए हैं बल्कि एक्टर के तौर पर भी काम कर रही हैं। ऑस्कर नामांकन के बाद तो उन्होंने ग्लोबल लेवल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवा दी है। यह फिल्म एक तरह से उनकी ज़िंदगी पर बेस्ड है। सजदा इससे पहले द ब्रेड मूवी में भी काम कर चुकी हैं।
सजदा से सीखने वाली बात यह है कि सजदा को ज़िंदगी ने जब मौका दिया तो उस मौके को सजदा ने जीकर बता दिया। सजदा की यह कहानी उन करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा है जिन्हें लगता है कि सपने अपने नहीं बन सकते। हम दुआ करते हैं कि सजदा अपने जीवन में खूब आगे बढ़ें। ऑस्कर नहीं आया तो कोई बात नहीं, अनुजा की फिल्म ऑस्कर तक पहुंच गई, यह भी कम बड़ी बात नहीं।



