न जाने कितनी बार हम पोस्टपार्टम डिप्रेशन के बारे में बात करेंगे और न जाने कितनी ही बार हमें इसे सीखने और समझने की जरूरत होगी। यहां तक कि हम अपने आसपास की नई मांओं को चैन की सांस लेने का मौका ही नहीं देना चाहते, बल्कि हम सेलिब्रिटीज पर भी कमेंट करने से पीछे नहीं रहते। ऐश्वर्या राय, करीना कपूर, काजोल के वजन को लेकर हम फैंस जितने परेशान हुए थे, उतनी तो शायद वे स्वयं भी नहीं हुई होंगी। खैर, उन एक्ट्रेस का वक्त गुजर गया। अब हमारे सामने एक नया टारगेट है कैटरीना कैफ।
उन्होंने थोड़े समय पहले ही अपने बेटे को जन्म दिया है। फिलहाल वे अपना मदरहुड एंजॉय कर रही हैं।
गणेश उत्सव और उनका लुक
कैटरीना कैफ अपने पति विक्की कौशल के साथ अंबानी परिवार की ओर से आयोजित गणेश उत्सव में शामिल हुई थीं। इस दौरान उनके लुक और बढ़े हुए वजन ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। सोशल मीडिया पर उनके लुक को लेकर जमकर ट्रोल किया जाने लगा। लेकिन अच्छी बात यह रही कि इस प्लेटफॉर्म पर भी लोग दो खेमों में बंट गए। कुछ फैंस कैटरीना के सपोर्ट में आए। उन्होंने इसे पोस्टपार्टम का एक हिस्सा बताया।
कैटरीना अब एक 45 साल की महिला हैं। ऐसे में उन्हें बीस साल पुराने लुक के साथ कंपेयर किया जाना अपने आप में अचरज से भरा है। मां बनने के बाद एक इंटरव्यू में वे यह भी बता चुकी हैं कि मां बनने के बाद उनका शरीर नाजुक बन चुका है। वहीं, बेहतर दिखने के उनके मायने भी बदल चुके हैं। उनके लिए अच्छा दिखना यानी सिर्फ खूबसूरत दिखना नहीं, बल्कि खुद को बेहतर और शांत महसूस करना है।
लेकिन हम फिर भी नहीं समझ पाए
अब ऊपर जो बात बताई गई है, उससे हमें यह बात समझ में आ जानी चाहिए कि कैटरीना अपने इस लुक के साथ पूरी तरह सहज हैं। वे एक स्मार्ट महिला हैं। एक अदाकारा होने के साथ-साथ एक बिजनेसवुमन भी हैं। लेकिन भई, हम तो हम हैं ना! हम अपनी बात कहने में कहीं पीछे नहीं छूटते।
जबकि हमें खुद पता है कि बच्चे को जन्म देने के बाद महिला के शरीर में परिवर्तन आते हैं। हार्मोनल इश्यू होते हैं। कई बार शरीर में सूजन आती है और मेटाबॉलिक रेट कम हो जाता है। ऐसे में वजन का बढ़ना सामान्य बात है। लेकिन फिर भी जानते-बूझते हम कुछ गलतियां कर ही बैठते हैं।
जैसे कि अगर किसी महिला का पेट बच्चे को जन्म देने के बाद भी कम नहीं होता, तो हम बहुत आसानी से कह देते हैं, “अरे, तुम तो अभी भी प्रेग्नेंट ही लग रही हो।” हम समझना ही नहीं चाहते कि हमारी इतनी-सी एक बात किसी के दिल पर क्या असर डालेगी।
शक्ल मिलाने की परंपरा प्लीज बंद कर दें
एक मां अपने बच्चे को नौ महीने पेट में रखती है। इस बात को हमें अच्छे से समझना होगा कि वह किसी बच्चे को जन्म देने का एक सोर्स मात्र नहीं है। भाई का बच्चा, जो हमें बहुत प्यारा है, उस बच्चे को संसार में सबसे ज्यादा प्यार उसकी मां ही करती है।
ऐसे में अपने भाई या बेटे से शक्ल मिलाने की परंपरा को बंद कर देना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि न तो हमने अपनी भाभी का बचपन देखा है और न ही भाभी के बचपन के फोटोग्राफ देखे हैं। ऐसे में बच्चा किस पर गया है, वाली बहस को बंद कर दें।
यह महिला का बहुत नाजुक दौर होता है। हम सभी लोग एआई के जमाने के लोग हैं। सब इस बात को बहुत अच्छे से जानते हैं कि बच्चा मां और बाप दोनों में से किसी एक पर ही जाएगा। वह बहुत प्यारा ही होगा। उसकी मुस्कान आपको अच्छी ही लगेगी। लेकिन शक्ल मिलाने की परंपरा से महिलाओं को पोस्टपार्टम के दौरान अकेलापन महसूस कराया जा सकता है।
इसके अलावा दूसरी भी बहुत-सी बातों पर टोकाटाकी मत करें।
वो आपसे ज्यादा परेशान हैं
एक महिला चाहे पहली बार मां बने या दूसरी बार, उसके मां बनने के सफर में उसका साथ दें। आपको मालूम है कि आजकल सभी लोग अपनी सेहत के प्रति बहुत कॉन्शस रहते हैं। सभी को अपना वजन कंट्रोल करना अच्छा लगता है। ऐसे में आप किसी से मिलने जा रहे हैं, तो उसके साथ अपने नुस्खों की पोटली बिल्कुल भी न लेकर जाएं। न ही अपने किस्से सुनाएं।
याद रखिए, हर मां का सफर दूसरी मां से जुदा होता है। हर महिला बेहतरीन तरीके से अपने बच्चे का लालन-पालन करना चाहती है। कोई आपसे सलाह मांगे, तो जरूर दें। लेकिन थोड़ा संभलकर भाषा का चयन करें।
कैटरीना कैफ के मुद्दे ने फिर से इस बात को हवा दी है। बस, इस बार हम कोशिश करें कि हम सचेत रह पाएं। वजन कम होगा और ज्यादा हो जाएगा। क्या कैटरीना का पहले वाला फिगर लौट पाएगा? इस बात पर जरा कम ध्यान देकर खुद को सेहत के प्रति अवेयर कर लें।
हां, एक बार दूसरों के लुक को लेकर टीका-टिप्पणी करने से बेहतर है कि अपने लुक को अच्छे से आईने में निहार लें। कहीं कुछ... समझ ही गईं आप!
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