‘नेशनल अवॉर्ड’ आधी प्राइज मनी हारकर भी शाहरुख खान बने बाजीगर

‘नेशनल अवॉर्ड’ आधी प्राइज मनी हारकर भी शाहरुख खान बने बाजीगर

हारकर जीतने वाले को बाजीगर कहते हैंशाहरुख खान की फिल्म बाजीगर का ये डायलॉग आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। ये डायलॉग बड़े पर्दे पर बोल सालों से फिल्मी दुनिया पर राज करने वाले किंग खान असल जिंदगी में भी बाजीगर ही हैं। मुंबई में फिल्मी सफर शुरू करने से लेकर सफलता के शिखर तक उन्हें कई बार हार देख उसे जीत में बदला। जब उनपर फ्लॉप फिल्मों का टैग लगा उसके बाद उन्होंने खुद को वापस एक्शन हीरो के रूप में स्थापित कर दर्शकों को प्रभावित किया। सालों के फिल्मी करियर और सफल फिल्मों के बाद अब किंग खान को नेशनल अवॉर्ड मिला। उनकी सालों की मेहनत रंग तो लाई लेकिन ये जीत आधी ही उनके हिस्से आई। बेस्ट एक्टर अवॉर्ड में प्राइज मनी के रूप में मिलने वाली धनराशि आधी ही मिली। क्या आप जानते हैं कि अवॉर्ड मिलने के बावजूद उन्हें आधी धनराशि क्यों मिली। आइए बताते हैं आपको इस बारे में।

शाहरुख और विक्रांत मैसी को बेस्ट एक्टर अवॉर्ड है वजह

71वें नेशनल अवॉर्ड में शाहरुख खान को जवान फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर अवॉर्ड दिया गया है। फिल्मी दुनिया में उनके 33 साल के सफर में उन्होंने कई सुपरहिट फिल्में दी। यही नहीं उन्होंने 15 फिल्मफेयर अवॉर्ड भी जीते हैं। लंबे फिल्मी सफर के बाद बेस्ट एक्टर के लिए नेशनल अवॉर्ड का भी सपना पूरा हो गया। लेकिन फिल्मों के बादशाह, बाजीगर और किंग खान कहे जाने वाले शाहरुख को ये अवॉर्ड विक्रांत मैसी के साथ साझा करना पड़ा। विक्रांत मैसी को भी 71वें नेशनल अवॉर्ड में 12वीं फेल के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड दिया गया है। नेशनल अवॉर्ड में अगर एक कैटेगरी के लिए टाई होता है तो अवॉर्ड की प्राइज मनी उन प्रतिभागियों में बांट दी जाती है। बेस्ट एक्टर के लिए 2 लाख की धनराशि बतौर प्राइज मनी दी जाती है, जो शाहरुख और विक्रांत के बीच आधी-आधी बांट दी गई।

मैडल की खुशी पैसों से बड़ी

नेशनल अवॉर्ड मिलने की खुशी शाहरुख खान के चेहरे पर देखने को मिल रही है। उन्हें इसके पहले भी कई अवॉर्ड फंक्शंस में देखा गया है। लेकिन नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद उनके हावभाव ने लोगों का दिल जीत लिया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सर्कुलेट हो रहा है, जिसमें अवॉर्ड मिलने के बाद वे, रानी मुखर्जी और विक्रांत मैसी मैडल पहनने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। शाहरुख पहले तो मैडल को सही करते नजर आ रहे हैं। उसके बाद वो पीछे बैठे किसी शख्स को किसी बच्चे की तरह अपना मैडल दिखा रहे हैं। इस वीडियो को देख ऐसा लग रहा है जैसे किसी बच्चे को मैडल मिलने के बाद वो खुश होकर सबको दिखाता है, ठीक वैसे ही शाहरुख अपना मैडल पहनकर इतरा रहे हैं। भले ही उन्हें प्राइज मनी और अवॉर्ड विक्रांत के साथ शेयर करना पड़ा है, लेकिन उनके चेहरे की खुशी बता रही है कि उनके लिए अवॉर्ड बहुत बड़ा है।

नेशनल अवॉर्ड में फिर अपनी शख्सियत से जीता दिल

शाहरुख खान लोगों के बीच विनम्र स्वभाव के लिए भी जाने जाते हैं। जिसकी झलक नेशनल अवॉर्ड में भी देखने को मिली। सोशल मीडिया पर कई वीडियोज देखने को मिल रहे हैं। एक में वे साउथ के सुपरस्टार मोहनलाल से मिलते हुए नजर आ रहे हैं। आपको बता दें कि मोहनलाल को दादासाहेब फाल्के लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिला है। शाहरुख उनसे हाथ जोड़कर मिल रहे हैं। वहीं मैडल पहनने वाले वीडियो में रानी मुखर्जी विक्रांत को छोड़ शाहरुख से बात करती नजर आ रही हैं। लेकिन विक्रांत की तरफ देखते हुए शाहरुख उनसे भी बातचीत करने की कोशिश करते हैं। जैसा कि उनके लिए कहा जाता है कि वो लोगों से बात करते हुए हमेशा ऐसा महसूस कराते हैं जैसे वे सिर्फ उनसे ही मुखातिब हैं। शाहरुख की यही खासियत उन्हें दूसरों से अलग बनाती है।

इस तरह के और लेख पढ़ने के लिए हमारी केटेगरी "सिनेमा की गपशप" पर क्लिक करें।

खेलोगे कूदोगे......कहावत के प्रति भले ही सोच बदल रही है लेकिन खेल अब भी करिअर नहीं
खेलोगे कूदोगे......कहावत के प्रति भले ही सोच बदल रही है लेकिन खेल अब भी करिअर नहीं

हाल ही में बैडमिंटन चैंपियन पीवी सिंधु के कोच गोपीचंद का साक्षात्कार पढ़कर बचपन की कहावत जेहन में कौंध गई। नब्बे के दशक के बच्चों का इस कहावत से कभी...

Read More
क्या आप जानना चाहते हैं ऑस्कर में शॉर्टलिस्ट इंडियन फिल्म अनुजा की कहानी को
क्या आप जानना चाहते हैं ऑस्कर में शॉर्टलिस्ट इंडियन फिल्म अनुजा की कहानी को

अगर हम बात करें ऑस्कर अवॉर्ड की तो इसकी ग्लोबल लेवल पर अपनी एक फैन फॉलोइंग और चार्म है। इस साल का यह अवॉर्ड भी हाल ही में अमेरिका के डॉल्बी थिएटर में...

Read More