तनुश्री दत्ता, थोड़े से बेसिक एटीकेट्स की ज़रूरत है आपको

तनुश्री दत्ता, थोड़े से बेसिक एटीकेट्स की ज़रूरत है आपको

2018 में तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। माना जाता है कि भारत में उस समय मी टू मूवमेंट की शुरुआत इन्होंने ही की थी। उन्होंने पुलिस में भी अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। खैर, पर्याप्त सबूतों की कमी और समय सीमा के चलते साल 2019 में पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी और मार्च 2025 में मुंबई की एक अदालत ने तनुश्री की याचिका खारिज कर दी थी। नाना ने भी हमेशा इन आरोपों का खंडन किया। खैर, यह मामला लोग भूल भी चुके थे।

लेकिन हाल ही में जब यकायक ही नाना चल बसे और सेलिब्रिटीज़ भी बड़ी संख्या में भावभीनी श्रद्धांजलि देने लगे, तो तनुश्री के नाना की मौत के बाद कही गई बातों ने दोबारा से यौन उत्पीड़न के उस मामले को हवा दे दी। तनुश्री से जब नाना की मौत के बाद उनका रिएक्शन पूछा गया, तो वह काफी अजीब था। उन्होंने कहा कि एक शैतान मरा है और उससे उनके दिल को बहुत सुकून मिला है। इस बयान के सामने आने के बाद तनुश्री विवादों में घिर गई हैं। वे सोशल मीडिया पर भी काफी ट्रोलिंग का सामना कर रही हैं। लेकिन अच्छी बात है कि ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने तनुश्री दत्ता के इस बयान की कड़ी निंदा की और इसे सस्ती पब्लिसिटी व इंसानियत के खिलाफ बताया।

अभी तमाशा बाकी है

इतना कहने के बाद भी तनुश्री का मन नहीं भरा। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर नाना के निधन पर वीडियो बयान जारी किया और कहा कि अगर कोई मर गया, तो क्या उसके कांड भूल जाएँ? उन्होंने कहा कि वो हमेशा उनकी नज़र में बुरे ही रहेंगे। 42 साल की इस एक्टर ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर लिखा कि नाना की मौत की खबर आने के बाद से उनकी एंगेजमेंट बढ़ गई है। दिवंगत एक्टर का नाम लिए बिना उन्होंने लिखा, 'यह पागलपन है! आज मेरी स्टोरी टाइमलाइन भर गई है। बुराई खत्म हो गई है और उम्मीद है कि मेरी ज़िंदगी बेहतर चीज़ों की ओर बढ़ेगी!'

अब बात करते हैं बात की

अब सच यह है कि नाना इस दुनिया से जा चुके हैं। तनुश्री ने नाना पर जो भी इल्ज़ाम लगाए थे, वे भी साबित नहीं हो पाए। अब जाहिर है कि इस समय क्या था, कैसा था, जैसी बातचीत नहीं होनी चाहिए। हम इस बात को भी स्वीकार करते हैं कि हो सकता है कि तनुश्री के मन में नाना के लिए वो इज़्ज़त न हो। लेकिन किसी के भी मरने पर इस तरह की प्रतिक्रिया देना क्या किसी को भी शोभा देता है? लोग कह रहे हैं कि तनुश्री को इस बहाने ही सही, पब्लिसिटी मिल गई। वो अब इस बात को और भी हवा देंगी। लेकिन सोचने वाली बात है कि इस रिएक्शन के अलावा क्या तनुश्री के पास और कोई चॉइस नहीं थी।

आप प्रतिक्रिया न देतीं, तो भी चलता

यह सच है कि हम हर इंसान की नज़र में अच्छे नहीं हो सकते। ज़िंदगी की कहानी में भी देख लें। हर हीरो किसी न किसी की ज़िंदगी का खलनायक होता है। नाना की बात करें, तो अक्सर लोग कहते हैं कि वो अपने मिज़ाज के अनूठे आदमी थे। वो गुस्सा हो जाते थे। लेकिन जब वो आपके थे, तो बस वो आपके अपने होते थे। जो भी बोलते थे, सामने वाले के मुँह पर बोलते थे। आपको बुरा लगे, तो अच्छी बात और भला लगे, तो और भी अच्छी बात।

इंडस्ट्री में अचानक उनके चले जाने से हर कोई अचंभित है। कोई लिख रहा है कि एक युग का अंत हो गया, तो कोई उनके अचानक चले जाने से हैरान है। शाहरुख खान, कैटरीना कैफ, विराट कोहली... नामों की लिस्ट का कोई अंत ही नहीं है, जिन्होंने अपनी संवेदना प्रकट की है। लेकिन तनुश्री का यह रिएक्शन अपने आप में चर्चा का विषय बन गया है। वो ऐसा भी तो कर सकती थीं कि कोई प्रतिक्रिया नहीं देतीं।

यह नहीं करना था

अक्सर हम अपने आस-पास भी देखते हैं कि जब किसी की किसी से नहीं बनती और सामने वाला चला जाता है, तो दूसरा इंसान मरने वाले को या तो माफ कर देता है या कुछ भी नहीं कहता। अगर हम देखें, तो जाने वाले का रास्ता आसान करना चाहिए। माफ करना इतना मुश्किल भी नहीं होता किसी को। अगर माफ नहीं भी कर पा रहे, अपने ज़ख्मों को भुला नहीं पा रहे, तो ऐसे मौके पर खामोश रहना भी एक अच्छा विकल्प है। इन ऊल-जुलूल बयानों से आप चर्चा में ज़रूर आएँगी। लेकिन तनुश्री, आपको गहराई में सोचने की ज़रूरत है। आप बेशक माफ करें या न करें, लेकिन किसी के निधन के बाद अपनी बात रखने के तरीके, सार्वजनिक प्रतिक्रिया की भाषा और उसके प्रभाव के बारे में आपको सोचना चाहिए। आप सेलिब्रिटी हैं। जानती हैं कि इस तरह के बयानों का क्या प्रभाव होता है।

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