ऑस्ट्रेलिया के इस हीरो अहमद अल अहमद की कहानी आपको पता होनी चाहिए

ऑस्ट्रेलिया के इस हीरो अहमद अल अहमद की कहानी आपको पता होनी चाहिए

ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच में हाल ही में एक आतंकी हमले में इस बार आतंकवाद से ज़्यादा मानवता की बात हो रही है। इस वक्त पूरी दुनिया एक बहुत ही मामूली से लेकिन फिर भी ख़ास एक आदमी के लिए दुआ कर रही है। यह इंसान है अहमद अल अहमद, जो इस वक्त इंसानियत की एक मिसाल बन चुका है। बॉन्डी बीच पर आतंकी हमला हुआ, उस वक्त वो भी अपने दोस्त के साथ वहीं क़रीब में ही मौजूद थे। दो आतंकवादी लगातार गोलियां चला रहे थे। ज़ाहिर है कि जब गोलियां चल रही थीं तो माहौल तो ख़ौफ़नाक ही होगा। इस हमले को देखकर वो और उनका दोस्त एक गाड़ी के पीछे जा छिपे। लेकिन उनके अंदर के इंसान ने उनकी हिम्मत को उठाया और न जाने कहां से सारी हिम्मत बटोर कर आतंकी पर हमला किया और उससे बंदूक छीनने में कामयाब रहे। उनकी यह हिम्मत अब दुनिया भर में वायरल हो रही है। आतंकी से बंदूक छीनने की यह घटना वीडियो में क़ैद है।

हमारा हीरो बहुत भावुक है

सीरिया मूल के और ऑस्ट्रेलिया के नागरिक के कंधे और हाथ में गोली लगी है। वे 43 साल के दो बच्चों के पिता हैं और उनकी फल की दुकान है। अस्पताल से आया उनका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें वो कह रहे हैं, इंशाल्लाह हम खुशी-खुशी वापस लौटेंगे। उन्होंने अपनी मां से ख़ास गुज़ारिश की है कि आप मेरे लिए दुआ करें। उन्होंने ख़ुदा का शुक्र किया है और कहा है कि मैं उन सभी लोगों का भी शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने मेरे लिए दुआ की। अपनी मां से वो बहुत अटैच हैं, ऐसे में उन्होंने कहा कि मेरी मां मेरी आंखों का तारा है। मैं उनसे दुआ करने की गुज़ारिश करता हूं। मैं एक बेहद मुश्किल वक्त से गुज़रा, यह सिर्फ़ अल्लाह ही जानता है।

कुछ अच्छा करना इतना भी मुश्किल नहीं

अहमद अल अहमद के इस जज़्बे को हम सलाम करते हैं। आज वो एक हीरो के तौर पर पूरी दुनिया के सामने हैं। इस आतंकी हमले में बेशक़ 15 लोग मारे गए और सौ से ज़्यादा लोग घायल हुए। लेकिन इस घटना की नेगेटिविटी से ज़्यादा इस बात पर चर्चा हो रही है कि कैसे एक मामूली से इंसान ने अपने जज़्बे से इंसानियत की इबारत लिख दी। वो कहीं जाकर छिप सकते थे, दूर से हमले को देख सकते थे। लेकिन नहीं, उन्होंने हिम्मत करने को चुना।

क़िस्मत बदलती है

अहमद अल अहमद को क्या पता था कि एक साल पहले सीरिया से एक शरणार्थी के तौर पर प्रवेश करने के बाद उन्हें इस देश में एक नायक के तौर पर देखा जाएगा। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री अल्बनीज़ उनसे अस्पताल जाकर मिले और अपने सोशल मीडिया एक्स पर अंदर की मुलाक़ात को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, अहमद आप ऑस्ट्रेलिया के हीरो हैं। उन्होंने आगे लिखा कि आपने दूसरों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली, बॉन्डी बीच पर ख़तरे की ओर दौड़े और एक आतंकवादी को निहत्था किया। सबसे बुरे समय में हम ऑस्ट्रेलिया के लोगों का सबसे अच्छा रूप देखते हैं। हमने रविवार रात को ठीक यही देखा। हर ऑस्ट्रेलियाई की ओर से, मैं आपको धन्यवाद कहता हूं।

ज़िंदगी एक मौका देती है

यह सच है कि ज़िंदगी आपको एक मौका देती है, जहां पर आप ख़ुद को साबित कर सकते हैं। अहमद अल अहमद के साथ भी ऐसा ही था। अगर वो आतंकवादियों से न भिड़ते तो कोई उन्हें कुछ नहीं कहता। लेकिन बस उन्होंने अपने ज़मीर की सुनी और वो कर दिया जिस बात को लोग सारी उम्र याद रखेंगे। शुक्रिया अहमद, आपने इस नेगेटिविटी की हवा में पॉज़िटिविटी भी दी है। आपने हौसला दिया मानवता को कि चाहे नफ़रत कितनी भी ताक़तवर क्यों न हो, इंसानियत के सामने उसे हारना ही होता है। आप ऑस्ट्रेलिया के ही नहीं, पूरी इंसानियत के भी एक हीरो हैं। ऊपर वाला आपको जल्द से जल्द ठीक करे। आप जैसे अच्छे लोगों की फिलहाल इस दुनिया में बहुत ज़रूरत है।

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