अगर भारत बन गया है विश्व गुरु तो भारतीयों का यह अपमान क्यों ?

अगर भारत बन गया है विश्व गुरु तो भारतीयों का यह अपमान क्यों ?

अपनी ज़िंदगी में एक बार अमेरिका जाने का सपना हममें से बहुत लोगों ने देखा है। अगर मैं अपनी भी बात करूं तो मैं इस जगह को ज़रूर जानना और देखना चाहती हूं जो कि पूरी दुनिया में नंबर वन है। यह देश सुपर पावर है। इस देश का वीजा मिलना हम भारतीयों के लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं। अमेरिका रिटर्न हमारे यहां एक गर्व से उपयोग किया जाता है। लेकिन इस बार जो बेड़ियों में जकड़कर और हथकड़ियों के साथ जो हमारे भारतीय बहन-भाई रिटर्न हुए हैं, उसकी तस्वीरें हम सभी के लिए एक सवाल और बहुत सी बेबसी को छोड़ देती हैं। इनमें से कोई दस साल से कोई पांच साल से अमेरिका में रह रहा था।

इस बात पर हम डिस्कशन बाद में करेंगे कि वे लोग जो वापिस लौटे हैं वो अवैध तरीके से रह रहे थे या नहीं। लेकिन इंसानियत के धरातल पर अगर हम देखें तो इस तरह से किसी को खदेड़ देना आखिर क्या साबित करता है?

सर, हम तो विश्व गुरु हैं

हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात को अगर हम देखें तो हम समझते हैं कि हम विश्व गुरु बन गए हैं। हमारे प्रधानमंत्री और ट्रंप जी के बहुत अच्छे संबंध हैं। अगर वाकई में बहुत अच्छे संबंध हैं तो क्या यह हो सकता था जो आज इन लोगों के साथ हुआ है? ऐसा लग रहा है जैसे मानो यह लोग कोई बहुत खूंखार अपराधी हों। हाथों में हथकड़ियां और पैरों में ज़ंजीरें तो यह ही बयां करती हैं। इन लोगों के अगर इंटरव्यूज़ देखें तो इनके साथ आने के दौरान सुलूक भी अच्छा नहीं हुआ था। कुछ बिस्किट्स दे दिए थे बस खाने को। हम सभी जानते हैं सात समंदर पार है अमेरिका। कोई दो घंटे का तो सफर है नहीं जिसे बिस्किट के साथ कटवा दिया।

आपका कोई अपना

आप आज सोचकर देखिए कि उन लोगों पर और उनके घरवालों पर क्या बीत रही होगी जो भगोड़ों की तरह अमेरिका से निकाल दिए गए और आज वो अपने पूरे खानदान, पड़ोस और शहर के सामने मुजरिम से खड़े होंगे। यह अमेरिका नहीं है जहां पड़ोसी को यह भी नहीं पता होता कि उसके बगल में रहता कौन है। हमारे हिंदुस्तान में तो जब पड़ोसी के लड़के की जॉब भी लगती है तो मिठाई हक से मांगकर खाई जाती है। आज बहुत सी नज़रों में इन लोगों के लिए बहुत से सवाल होंगे। आपको बता दूं कि यह निगाहें पीछा नहीं छोड़तीं।

सर, ऐसे ट्वीट ना करें

यूएसबीपी के चीफ मिशल डब्लू बैंक ने इस निष्कासन पर ट्विटर पर अपनी एक पोस्ट में लिखा है कि यूएसबीपी और पार्टनर ने इंडिया के इललीगल एलियंस को वापस पहुंचा दिया है। हमने इसके लिए मिलिट्री ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल किया है। यह मिशन इस बात का संकेत है कि इमिग्रेशन लॉज़ और निष्कासन के लिए हमारा कमिटमेंट क्या है। अगर आप इललीगली क्रॉस करेंगे तो आप रिमूव कर दिए जाएंगे।

इस पोस्ट के साथ ही उन्होंने इस विमान का वीडियो भी जारी किया है।

विडियो यहाँ देखें  

सपना देखने से पहले सोचिए

इस ट्वीट को देखकर आप समझ सकते हैं कि हम भारतीय ग्लोबल लेवल पर कहां खड़े हैं। कम से कम इस बात को समझ सकते हैं कि फिलहाल कोई कुछ भी कह दे हमें समझ जाना चाहिए कि अमेरिका या मिस्टर ट्रंप हमारे दोस्त तो कतई नहीं हैं। आगे आपकी मर्ज़ी अगर अभी भी संजोना चाहते हैं तो संजो लीजिए अमेरिका जाने के सपने। लेकिन अपना बैग पैक करने से पहले इस बात को याद रखिएगा कि सुपर पावर की अपनी कुछ बहुत सख्त शर्तें हैं।

कहीं आप भी इन लोगों की तरह रिमूव ना कर दिए जाएं।

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