रविवार की रात भारत की इंडियन क्रिकेट टीम ने जो कर दिखाया है, वो इतिहास में दर्ज हो चुका है। इस टीम को अपना पहला वर्ल्ड कप मिल चुका है। सेमीफाइनल में जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी तो उम्मीद बंधी थी कि इस फाइनल में तो प्रवेश कर ही गए हैं, शायद कप हम ले पाएं। और देखिए अब हमारी टीम चैंपियन बन चुकी है। महिला विश्व कप का खिताब भारतीय टीम ने अपने नाम कर लिया है। यह जीत यादगार है और जीत का यह अंतर भी बहुत ज़्यादा है। फाइनल मैच में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका की टीम को 52 रन से हराया। हालांकि टॉस अफ्रीका ने जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला लिया था। यह मैच मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स अकादमी में खेला गया।
सुपरस्टार हैं दीप्ति शर्मा और शेफाली
हमारे भारत की पूरी टीम ने बहुत बढ़िया खेला है। लेकिन इस मैच की सुपरस्टार दीप्ति शर्मा रहीं। उन्होंने बैटिंग भी शानदार की और बॉलिंग में भी कमाल कर दिया। बैटिंग में जहां 58 रन की पारी खेली, वहीं 39 रन देकर बॉलिंग में पांच विकेट अपने नाम किए। वह प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहीं। इसके अलावा शेफाली का प्रदर्शन भी कभी न भूलने वाला लम्हा बन गया है। उन्होंने बैटिंग में 87 रन बनाकर बेहतरीन पारी खेली। शेफाली सिर्फ 21 साल की हैं, लेकिन वर्ल्ड कप में इतिहास रच चुकी हैं। वे वर्ल्ड कप फाइनल में 50 लगाने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बन चुकी हैं। उनका यह रिकॉर्ड सिर्फ महिला क्रिकेट ही नहीं, पुरुष क्रिकेट में भी कायम हो गया है। शेफाली ने 78 गेंदों पर 87 रन बनाए, जिसमें सात चौके और दो छक्के शामिल हैं। क्रीज पर जब उनका बल्ला घूम रहा था, तो लग रहा था कि शायद आज वो हो जाएगा जो पिछले 52 साल में नहीं हो पाया।
वो कपिल देव का एरा याद आया
2 नवंबर 2025 का दिन क्रिकेट के इतिहास में महिलाओं के लिए स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाने वाला दिन है। भारत की ये बेटियां इतिहास में अपना नाम दर्ज करवा चुकी हैं। स्टेडियम में इनकी जीत का यह लम्हा भावुक कर देने वाला था। यह टीम रो रही थी, हंस रही थी। यह जीत कुछ ऐसी थी जैसे 1983 में कपिल देव की टीम ने भारत को अपना पहला वर्ल्ड कप लाकर दिया था। बहरहाल, रात के अंधेरे में एक नए सूरज का उदय हो चुका है।
उन्होंने गले लगा लिया
बेशक टीम बहुत खूबसूरती से खेली है। लेकिन इस जीत का एक खूबसूरत लम्हा कोच अमोल मजूमदार और कप्तान हरमनप्रीत कौर का साथ रहा। जब कैप्टन जीत के बाद कोच के पैर छूने लगीं तो कोच ने उन्हें गले लगा लिया। इस पल में किसी ने कुछ नहीं कहा — बस भावनाएं बात कर रही थीं। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह भाषा जीत और सम्मान की थी। आपको बता दें, कोच अमोल मजूमदार एक डोमेस्टिक क्रिकेटर हैं और रमाकांत आचरेकर के स्टूडेंट हैं, जो सचिन तेंदुलकर के गुरु रह चुके हैं। अमोल अपनी एम्पैथिक लीडरशिप और संतुलित नेचर के लिए जाने जाते हैं। वहीं स्टेडियम में मशहूर क्रिकेटर रोहित शर्मा भी टीम को हौसला देने के लिए मौजूद थे और जब टीम जीती तो वह बहुत भावुक नज़र आए।
यह वक्त है जश्न का
इस टीम ने हर संघर्षशील महिला को एक जुनून दे दिया है। यहां तक पहुंचना आसान बिल्कुल भी नहीं रहा होगा। लेकिन अब वक्त है इस मेहनत से हासिल हुई जीत के जश्न का। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से बधाई दी है। क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने भी इस टीम को बहुत खूबसूरत मैसेज दिया है। बहरहाल, इन लड़कियों को इतिहास हमेशा याद रखेगा जिन्होंने बहुत खामोशी से वो कर दिखाया, जो सपने में भी भारत ने नहीं सोचा था।
वेल डन टीम इंडिया, वेल डन!
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