इन दिनों बारिश का मौसम है। बारिश का यह मौसम अपने साथ बहुत कुछ लेकर आता है। इस मौसम में जब हम अपनी खिड़की खोलकर बरसती झड़ी को महसूस करते हैं तो दिल यादों की नाव में बैठकर उस कागज़ की कश्ती बनाने निकल जाता है, जहां बचपन बैठा मुस्कुरा रहा है। इस बारिश को ही देख लें। यह हर उम्र की दोस्त है। बचपन में जहां इसमें भीग जाना पसंद होता है, वहीं जवानी में लोग इन फुहारों को साथ लेकर लॉन्ग ड्राइव पर निकल जाते हैं। वहीं बुज़ुर्गों के लिए यह बारिश यादों का मौसम साथ लेकर आती है। तो आप किस बात का इंतज़ार कर रहे हैं, आप भी मौसम का आनंद लें। वैसे सच बात है कि यह ज़िंदगी आपको एक ही बार मिली है। चाय की चुस्कियों के साथ मौसम का मज़ा लें।
ज़िन्दगी का रिफ्रेश बटन
अगर देखा जाए तो ज़िंदगी बस बीते जा रही है। हम जी रहे हैं, रोज़ सांस ले रहे हैं। लेकिन कुछ लोगों के लिए ज़िंदगी खुशियों की एक पोटली है। वे हर एक पल को जीना पसंद करते हैं। अगर हम ध्यान दें तो समझ पाएंगे कि बारिश भी खुशियों से भरा ऐसा ही एक मौसम है, जहां हर बूंद अपने साथ ताज़गी का एक एहसास लाती है। पुरानी उदासियां और गर्मी की तपिश बारिश में कहीं खो-सी जाती हैं। कह सकते हैं कि यह ज़िंदगी का एक रिफ्रेश बटन है। आप भी अपनी ज़िंदगी में इस रिफ्रेश बटन को एक बार ऑन करके देख लें।
क़ुदरत भी मुस्कुराती है
बारिश एक शरारती, हंसती-मुस्कुराती, जीवन से भरी अल्हड़ लड़की की तरह है। इसके होने से ही मौसम जैसे खिल-सा जाता है। आप कभी बारिश के आने से पहले का मंज़र देखें। वह अपने साथ हवा को लाती है। और सूरज, जिसने जेठ की दोपहरों में हमें कितना भी क्यों न सताया हो, लगता है बारिश के आने से डर जाता है। तभी तो बादलों में छिपकर कहीं बैठ जाता है।
लेकिन ये बादल भी कहां मानते हैं। उमड़-घुमड़कर उसे और भी डराते हैं। लेकिन हां, बारिश की दोस्ती पेड़ों के पत्तों से बहुत ज्यादा है। रेन शावर की इनायत इन्हीं पर तो होती है। बारिश रुकना नहीं चाहती, लेकिन दो पल सांस लेने के लिए इन पत्तों पर बैठ जाती है और आहिस्ता से ज़मीन पर गिरती है। पत्तों से टपकती हुई पानी की बूंदें बहुत ख़ूबसूरत-सी मालूम होती हैं।
खाने के ज़ायेके भी
बारिश अपने साथ खाने के ज़ायकों की गलियां भी खोलती नजर आती है। अगर आप चाट के शौकीन हैं तो यह मौसम आपके लिए है। बेसन के पकौड़े और भुट्टों से तो इसकी दोस्ती बरसों पुरानी है। मौसम का अगर स्वाद लेना चाहते हैं तो इन ज़ायकों के बिना वह पूरा हो ही नहीं सकता।
ज़माना कितना भी आगे क्यों न बढ़ गया हो, पिज्जा, पास्ता और बर्गर भले ही कितने भी ज़ुबां पर चढ़ गए हों, लेकिन पकौड़ों और भुट्टों के सामने ये कहीं नज़र नहीं आते।
रोमांस भी लाती है बारिश
बारिश मोहब्बत को पसंद करती है। यह मौसम एहसासों को जोड़ने का है। बस, थोड़ी-सी अपनी मसरूफ ज़िंदगी से फुर्सत पाइए और बारिश की उंगली पकड़कर अपने साथी के साथ मौसम का मज़ा लीजिए। भूल जाइए वो पुराने गिले-शिकवे, समय नहीं देने की शिकायत। फलां वक्त पर बात नहीं समझ पाने की बात।
अगर अकेले भी हैं तो परेशान न हों। गुलज़ार की कविताएं पढ़ लीजिए या सुन लीजिए। शायद तब आप एहसास कर पाएंगे कि बारिश की बूंदें जब टीन की छत पर पड़ती हैं तो वे क्या कहती हैं।
बारिश का मौसम हर उम्र के लिए अपने साथ अलग-अलग खुशियां लेकर आता है। किसी के लिए यह बचपन की यादों का मौसम है तो किसी के लिए लॉन्ग ड्राइव और रोमांस का। बारिश क़ुदरत को खूबसूरत बनाने के साथ-साथ पकौड़े और भुट्टे जैसे ज़ायेकों का मज़ा भी दोगुना कर देती है। ऐसे में रोज़मर्रा की भागदौड़ से थोड़ी फुर्सत लेकर बारिश के इस खूबसूरत मौसम का आनंद जरूर लेना चाहिए।
वरना इस भागती हुई ज़िंदगी की भागमभाग में हम दौड़ते-दौड़ते थक और थम जाएंगे, हमें पता भी नहीं चलेगा। वक्त है, मौका है, जिंदगी है और मौसम है। अपनी ही जिंदगी से कुछ वक्त के लिए उधार ले लीजिए। अगर ज़िंदगी वक्त देने में आनाकानी करे तो चुरा लीजिए। छीन लीजिए। और भाग जाइए उस गली में जहां ज़िंदगी आपको थामने के लिए खड़ी है। बादलों से भरे उस आसमान को देख लीजिए जो बादलों के साथ पकड़म-पकड़ाई खेलने में मस्त है।
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