शुक्रिया रघु राय, जाते-जाते आप भारत को पिरेली कैलेंडर की सौगात दे गए

शुक्रिया रघु राय, जाते-जाते आप भारत को पिरेली कैलेंडर की सौगात दे गए

फैशन कैलेंडर पिरेली दुनिया के प्रतिष्ठित फैशन कैलेंडरों में से एक माना जाता है। इसे अगर फैशन वर्ल्ड का ऑस्कर कहा जाए, तो गलत नहीं होगा। इस फैशन कैलेंडर की खास बात यह है कि आप चाहे कितने भी बड़े रईस क्यों न हों, लेकिन इसे खरीद नहीं सकते। इसे बनाने वाली कंपनी अपने चुनिंदा क्लाइंट्स को बतौर तोहफा यह कैलेंडर देती है। लेकिन पिरेली 2027 का यह कैलेंडर इस बार भारतीय रंगों की एक खूबसूरत बानगी है। यह पहला मौका है, जब यह कैलेंडर पूरी तरह भारत को समर्पित है। इसकी इस बार की थीम 'India Beyond A Single Gaze' है। इसमें कुल 12 फोटोग्राफ शामिल रहेंगे।

रघु राय की मेहनत

फोटोग्राफी की दुनिया में दिग्गज फोटोग्राफर रघु राय के नाम से शायद ही कोई अनजान हो। रघु राय ने अपनी फोटोग्राफी के जरिए वैश्विक मंच पर अपनी खास पहचान बनाई। पिरेली कैलेंडर का यह खास प्रोजेक्ट भी उन्होंने अपने हाथ में लिया था। वे नॉर्वे के फैशन फोटोग्राफर सॉल्वे सुंडसबो के साथ मिलकर इस कैलेंडर के लिए शूट करने वाले थे। कई शूट वे कर भी चुके थे। लेकिन जिंदगी ने रघु राय को इसके लिए वक्त नहीं दिया। 83 साल की उम्र में कैंसर से जंग लड़ते हुए वे हमेशा के लिए इस दुनिया से विदा हो गए।

फिर बेटी ने संभाला कमाल

रघु राय अपनी विरासत अपने बच्चों को देकर गए हैं। उनकी बेटी अवनि राय एक फिल्ममेकर होने के साथ-साथ फोटोग्राफर भी हैं। पिता के अधूरे प्रोजेक्ट को अवनि ने पूरा किया। इस शूट के तकनीकी पहलू कमाल के हैं। पिरेली के लिए फोटोशूट करना अपने आप में बहुत बड़ी बात है। वहीं इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरे कैलेंडर में सिर्फ एक-दो फोटोग्राफ नहीं, बल्कि सभी तस्वीरों में भारत के रंग और संस्कृति नजर आएगी।

वो, जो पिता को पसंद था

रघु राय न सिर्फ एक बेहतरीन फोटोग्राफर थे, बल्कि एक बेहतरीन पिता भी थे। अवनि अपने पिता के नक्शेकदम पर चल रही हैं। पहले इस कैलेंडर का शूट स्टूडियो में होना था, लेकिन अवनि ने कंपनी से बात की और शूट उन जगहों पर किया, जो रघु राय को पसंद थीं।

रघु राय आउटडोर शूट किया करते थे और आम पलों को खास बनाने में महारथी थे। भारत के मेलों, तीज-त्योहारों में वे बहुत-सी ऐसी चीजों को खास बना देते थे, जिन्हें आम नजरें शायद अनदेखा कर देतीं। वे दिल्ली में रहते थे और पुरानी दिल्ली फोटोग्राफी के लिहाज से उनकी पसंदीदा जगहों में से एक थी। पिरेली के इस कैलेंडर में आपको पुरानी दिल्ली के किनारी बाजार से लेकर यमुना के घाट तक नजर आएंगे।

जयपुर से भी रहा है नाता

रंग-रंगीले राजस्थान में फोटोशूट करना रघु राय को बहुत पसंद था। वे अक्सर सावन में होने वाले तीज उत्सव में शामिल होते थे। तीज माता की सवारी, लहरिया और सावन के झूले न जाने कितनी बार रघु राय के कैमरे में कैद हुए हैं। वहीं गलता जी भी इस फोटोजर्नलिस्ट की पसंदीदा जगहों में से एक थी। इसके अलावा जयपुर के अन्य स्मारक भी उन्हें पसंद थे।

उनकी इस पसंद को देखते हुए जयपुर में भी पिरेली कैलेंडर की शूटिंग हुई है। इस कैलेंडर में आपको जयपुर का जयगढ़ भी नजर आएगा।

क्या है पिरेली कैलेंडर?

फैशन फोटोग्राफी की दुनिया में पिरेली कैलेंडर एक प्रतिष्ठित नाम है। इसकी शुरुआत 1964 में हुई थी। यह इटली की टायर कंपनी पिरेली का कैलेंडर है। अब तक 41 फोटोग्राफर्स इसके 52 कैलेंडर रिलीज कर चुके हैं। ऐसे में भारत में इसका शूट होना अपने आप में बहुत बड़ी बात है।

यह भारत के लिए गौरव का क्षण है। हमें शुक्रिया करना चाहिए रघु राय का, जो जाते-जाते हमें पिरेली की यह सौगात देकर गए हैं।

इस कैलेंडर में भारतीय मूल की मशहूर हस्तियां शामिल हैं, जैसे टेलीविजन होस्ट पद्मा लक्ष्मी, अभिनेत्रियां फ्रीडा पिंटो, अवंतिका वंदनापु और अदिति राव हैदरी, मॉडल लक्ष्मी मेनन और भविता मंडावा, संगीतकार अनुष्का शंकर और कवयित्री रूपी कौर। यह इन हस्तियों के लिए भी कभी न भूलने वाला अनुभव बनेगा।

दुनिया भी जानेगी कि भारत की संस्कृति के रंग कितने खूबसूरत हैं। उम्मीद है कि ग्लोबल मंच पर ये रंग अपनी खूबसूरत आभा बिखेरेंगे।

अवनि का कहना है कि यह प्रोजेक्ट उनके लिए बहुत खास रहा। उनके मुताबिक, उनके पिता अपने हर कैनवस में एक शक्ति देखा करते थे। जब यह शूट हो रहा था, तब उन्हें अपने पिता हर फ्रेम में महसूस हो रहे थे। ऐसा लग रहा था, जैसे वे यहीं कहीं मौजूद हैं।

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