प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों के साथ की परीक्षा पर चर्चा, बातों-बातों में दी उन्हें बहुत सी जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों के साथ की परीक्षा पर चर्चा, बातों-बातों में दी उन्हें बहुत सी जानकारी

अगर बात राजनीति और राजनीतिज्ञों की होती है तो एक गंभीर माहौल और गूढ़ बातों के बारे में हम सोचते हैं। इस वक्त अगर सत्ता के गलियारों की बात करें तो दिल्ली के चुनाव, आठवां वेतन आयोग, बजट और एक आम इंसान चर्चा में हैं। लेकिन इन सभी के बीच में बच्चों की परीक्षाएं भी अब आने को हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आज "परीक्षा पर चर्चा" इंटरनेट की दुनिया में एक चर्चा का विषय रही। देश के अलग-अलग कोनों से आए बच्चों के साथ मोदी जी ने बहुत हल्के-फुल्के अंदाज़ में कुछ ज्ञान और मनोरंजन से भरी बातें भी साझा कीं। केरल से आई एक लड़की ने जब हिंदी में अपना परिचय दिया तो उन्होंने कहा कि "आपकी हिंदी इतनी अच्छी कैसे है?" तो उसने कहा "मुझे हिंदी पसंद है और मैं कविताएं भी लिखती हूं।" इस पर हाथों-हाथ ही मोदी जी ने उससे कविता भी सुनी।

बच्चे वाकई भगवान होते हैं

ऐसा कहा जाता है कि बच्चों के साथ जब इंसान होता है तो वह खुद भी एक बच्चा ही बन जाता है। मोदी जी के साथ भी ऐसा ही था। वह बच्चों के साथ बात करने में उनके बाल-सुलभ मन को न केवल अच्छी तरह समझ रहे थे, बल्कि बच्चों के साथ कुछ बचकाना अंदाज़ में भी नज़र आ रहे थे। वह कहने लगे, "भई, अब घर में तो बहुत प्रेशर है। माँ को तो नहीं कह सकते कि तुम भाषण मत दो! लेकिन उस प्रेशर को कैसे डील करना है, यह तो समझ सकते हैं।"

वो चौका-छक्का तो नहीं मारने लगते

एग्ज़ाम प्रेशर को कैसे डील किया जाए और अपने फोकस को परीक्षा में कैसे बनाए रखा जाए, इसके लिए उन्होंने क्रिकेट मैच का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, "आपमें से किसी ने स्टेडियम में मैच देखा है?" स्टेडियम में जो लोग होते हैं वो कभी "सिक्स!" बोलते हैं, कभी "फोर!" बोलते हैं, लेकिन बैट्समैन उनके कहने पर सिक्स और फोर थोड़ी लगाने लगता है! वह बॉल पर फोकस करता है और अपना बेस्ट देता है। "आप भी एग्जाम में ऐसा ही करिए। प्रेशर में मत आइए!"

पोषण पर दिया ज़ोर

पीएम मोदी जी ने बच्चों का स्वागत उन्हें अपने हाथ से तिल के लड्डू खिलाकर किया। बच्चों का कहना था कि वो ऐसे खिला रहे थे जैसे कोई अपने घर आए मेहमानों की खातिरदारी करता है। हां, लेकिन तिल खिलाने के बाद उसके पीछे का लॉजिक भी बच्चों से पूछ लिया। उन्होंने कहा, "तिल सर्दी में क्यों खाया जाता है?" तो बच्चों ने जवाब दिया कि "क्योंकि यह शरीर को गर्म रखता है।" इसके अलावा उन्होंने मिलेट्स और पोषण से संबंधित भी सवाल किए। उन्होंने पूछा, "आपमें से कौन-कौन मिलेट्स खाता है?" वहीं, सन बाथ के महत्व और पानी के स्वाद के बारे में भी उन्होंने बच्चों से चर्चा की।

राजनीति से परे

मोदी जी का बच्चों के साथ का यह वीडियो यूट्यूब पर मौजूद है। एक घंटे के इस वीडियो को आपको ज़रूर देखना चाहिए। वो किस पार्टी के हैं, उनकी राजनीतिक विचारधारा क्या है और आपका मत क्या है, इन सभी चीज़ों को कुछ समय के लिए साइड में रख दीजिए। सिर्फ यह देखिए कि वो हमारे देश के प्रधानमंत्री हैं, यानी कि हमारे नायक हैं। एक नायक के तौर पर वो बच्चों को वो पथ दिखा रहे थे, जिस पथ-प्रदर्शन की उन्हें इस समय ज़रूरत है। आपको बता दें कि मोदी जी साल 2018 से इस प्रोग्राम का आयोजन कर रहे हैं। इसमें वे बच्चों के साथ एग्जाम प्रेशर को डील करने की सलाह देते हैं।

इस इनिशिएटिव के तहत कुछ बच्चों को उनके साथ सीधे संवाद का मौका मिलता है। एक घंटे के सेशन के बाद जब वह बच्चों को अलविदा कह रहे थे, तो मज़ाकिया अंदाज़ में उन्होंने यह भी कह दिया, "ज़्यादा दादागिरी मत करना कि हमारी डायरेक्ट पहचान है!"

आप मोदी जी के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी यह वीडियो देख सकते हैं।

या गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया के 'परीक्षा पर चर्चा 2025' के ऑफिशियल पेज https://innovateindia1.mygov.in/ पर जाएँ l

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