कहते हैं, आपको मोहब्बत किससे, कहां और कब हो जाए, आपको पता नहीं चलता। हिंदुस्तान की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे राजीव गांधी और इटली के एक छोटे से गांव लुसानिया में मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मीं सोनिया की प्रेम कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वो लड़की जिसे शायद पता ही नहीं होगा कि वह इंग्लैंड सिर्फ अंग्रेजी पढ़ने नहीं जा रही, बल्कि आगे उसकी जिंदगी में कुछ ऐसा होने वाला है, जो उसकी पूरी जिंदगी बदलकर रख देगा।
सोनिया कैंब्रिज के लैंग्वेज स्कूल में इंग्लिश सीखने गई थीं और जिंदगी का इत्तेफाक देखिए कि उसी समय राजीव गांधी भी मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए कैंब्रिज पहुंचे थे। यहीं दोनों की मुलाकात हुई। कहा जाता है कि राजीव पहली मुलाकात में ही सोनिया को पसंद करने लगे थे। दोनों की पहली मुलाकात एक ग्रीक रेस्त्रां में हुई और इसके बाद करीब तीन साल तक दोनों एक-दूसरे को डेट करते रहे। फिर हिंदुस्तान में दोनों ने शादी कर ली।
जितने साल साथ नहीं रहे, उनसे कहीं ज्यादा साल हिंदुस्तान में जिंदगी बिता दी
सभी जानते हैं कि सोनिया गांधी एक निहायत ही प्राइवेट पर्सन हैं और अपनी निजी जिंदगी को अक्सर लाइमलाइट से दूर रखती हैं। लेकिन अब पहली बार उनकी निजी और सार्वजनिक जिंदगी को उनके अपने नजरिए से देखने और जानने का मौका मिलेगा।
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की आत्मकथा 'Belonging: A Journey of Love' आगामी 10 नवंबर 2026 को रिलीज होने जा रही है। इसे वाकई सच्ची मोहब्बत कहेंगे कि सोनिया गांधी ने राजीव गांधी के साथ 23 साल का वैवाहिक जीवन बिताया। राजीव के बिना भी वह हिंदुस्तान में पिछले लगभग 35 साल से रह रही हैं।
वो मिट्टी, जो राजीव की थी। उस मिट्टी और उस वतन को उन्होंने अपने जीवन में अंगीकार कर लिया है।
लेकिन विवाद तो यहां पर भी है
हम सभी जानते हैं कि सोनिया गांधी एक शांत स्वभाव की सौम्य महिला हैं। लेकिन विवादों के साथ उनका चोली-दामन का साथ भी रहा है। अब इस किताब को ही देख लीजिए। किताब 10 नवंबर को भारत के अलावा दूसरे देशों में प्रकाशित होने जा रही है और रिलीज से पहले ही इसे लेकर काफी चर्चाएं हैं।
पहले भारत में पेंगुइन इंडिया इस किताब को प्रकाशित करने जा रहा था। लेकिन बताया जा रहा है कि आत्मकथा की मैन्यूस्क्रिप्ट में पब्लिकेशन हाउस की ओर से सोनिया गांधी से कुछ बदलाव करने को कहा गया। सोनिया ने इन बदलावों को मानने से इनकार कर दिया।
अब किताब के साथ-साथ भारत के लिए यह भी देखना दिलचस्प होगा कि यह किताब यहां कब और किस प्रकाशन से प्रकाशित होगी।
सोनिया गांधी पर पहले भी आ चुकी है किताब
सोनिया गांधी की बायोग्राफी 'द रेड साड़ी' इससे पहले आ चुकी है। इसे स्पेनिश लेखक जेवियर मोरो ने लिखा था। हालांकि इस किताब को भारत में काफी विवाद का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस का आरोप था कि लेखक ने अपनी ओर से कई बातें लिखी हैं, जिनका तथ्यों से कोई लेना-देना नहीं है।
लेखक उस साल जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में इस पुस्तक को लेकर आए थे। उन्होंने कहा था कि उन्होंने इस बायोग्राफी के संदर्भ में सोनिया गांधी से बात करने की बहुत कोशिश की थी, लेकिन वह सफल नहीं हो पाए।
चूंकि 'Belonging: A Journey of Love' एक ऑटोबायोग्राफी है, ऐसे में वे लोग जो सोनिया गांधी के जीवन को करीब से जानना चाहते हैं, उनके लिए यह किताब खास हो सकती है। सोनिया गांधी इससे पहले जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के पत्राचार पर आधारित दो किताबों—'Freedom's Daughter' और 'Two Alone, Two Together'—पर भी काम कर चुकी हैं।
अब 10 नवंबर का इंतजार है।
राहुल गांधी का वो भावुक संदेश
राजीव गांधी के जन्मदिवस के मौके पर राहुल गांधी ने सोनिया गांधी की ऑटोबायोग्राफी का कवर पेज साझा करते हुए अपनी मां के लिए एक भावुक संदेश लिखा।
उन्होंने लिखा—
“मां,
मैंने आपको और पापा को आखिरी बार 35 साल से भी पहले साथ देखा था। जिस दिन से पापा हमें छोड़कर गए, उस दिन से मैंने आपको जिंदगी की हर मुश्किल का सामना असीम साहस और गरिमा के साथ करते देखा है। सिर्फ प्रियंका और मैं ही जानते हैं कि आपने किन परिस्थितियों का सामना किया और पापा के जाने के बाद आपका जीवन कितना कठिन रहा।
मुझे खुशी है और गर्व भी कि आपकी कहानी—‘Belonging: A Journey of Love’—अब उन करोड़ों लोगों तक पहुंचेगी, जो आपसे प्यार करते हैं। मैं जानता हूं कि आप जैसी बेहद निजी शख्सियत के लिए अपनी खूबसूरत कहानी दुनिया के सामने रखना कितना कठिन रहा होगा।
आज, पापा के जन्मदिन पर, मैं उन्हें ऊपर से अपनी खूबसूरत सोनिया को देखकर मुस्कुराते और गर्व करते हुए देख सकता हूं।”
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