त्योहारों का सीजन: बच्चों के साथ सेलिब्रेशन के साथ-साथ जरूरी बातें भी सिखाएं

त्योहारों का सीजन: बच्चों के साथ सेलिब्रेशन के साथ-साथ जरूरी बातें भी सिखाएं

त्योहारों का मौसम आने पर घर-घर में तैयारियां शुरू हो जाती हैं। नवरात्रि से लेकर दीवाली तक घरों में अलग ही माहौल होता है। बड़े से लेकर बच्चे सभी फेस्टिव मोड में रहते हैं। लेकिन अब त्योहारों में पहले जैसी बात कम देखने को मिलती है।

पहले घर के सभी लोग एकजुट होकर त्यौहार की तैयारी करते थे, बाजार जाने से लेकर घर के काम में सभी हिस्सा लेते थे। लेकिन अब कामों के लिए हाउसहैल्प हैं। बच्चे मोबाइल या टीवी में तो बड़े अपने कामों में व्यस्त रहते हैं। त्योहारों पर एकजुट काम करने से एक बॉन्ड भी बनता था, जिसका मौका आज लोग खो रहे हैं।

भले ही आज त्यौहार पहले की तुलना में ज्यादा बड़े पैमाने पर सेलिब्रेट होते हैं, लेकिन वो पहले जैसा उमंग और जोश नदारद रहता है। त्योहारों की खुशी को सही तरीके से महसूस करने के लिए जरूरी है कि हम अपने बच्चों को इस बार सेलिब्रेशन के साथ कुछ जिम्मेदारियां भी दें।

घर की सफाई में बच्चों की लें मदद

पूरे साल में त्योहार ही वो मौका होते हैं जब पूरे घर की अच्छे से साफ-सफाई होती है। भले ही साफ-सफाई का काम आप हाउसहैल्प से करवाएं, लेकिन बच्चों को भी साफ-सफाई करने के लिए प्रेरित करें। उनकी कपड़ों की अलमारी से लेकर घर के दूसरे हिस्सों में सामान के रख-रखाव में उनकी मदद लें।

अपने लाडले या लाडली को सोफा, टीवी यूनिट, खिलौने आदि की डस्टिंग करने का काम सौंपें। त्योहारों पर इस बार अपने बच्चों के साथ मिलकर घर की सफाई करने से आपकी बचपन की यादें भी ताजा हो जाएंगी।

घर की सजावट के लिए बच्चों को आगे बढ़ाएं

आने वाले दिनों में, हर घर में त्योहारों की सजावट की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। आप घर सजाने की जिम्मेदारी बच्चों को दें, जिससे उन्हें त्योहार के सेलिब्रेशन में सही मायनों में शामिल हो सकें।

घर में रंगोली बनाने, दरवाजों पर डेकोरेशन करने या लाइटिंग को अलग-अलग स्टाइल में लगाने के लिए उनकी मदद लें। पूजा के स्थान को भी सजाने की जिम्मेदारी दे सकते हैं। इससे उनकी क्रिएटिविटी भी सामने आएगी और बड़े मौकों पर जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार होंगे।

बच्चों को खरीददारी के लिए साथ ले जाएं

त्योहारों के दौरान घर की जरूरत की खरीददारी हो या बच्चों के लिए कपड़ों की खरीदारी, उन्हें अवश्य साथ ले जाएं। इससे उन्हें त्योहारों की खरीददारी का एक्सपीरियंस होगा, साथ ही उनकी पसंद के बारे में भी आप जान पाएंगे।

आजकल बच्चे हर मौके पर खास दिखना चाहते हैं। ऐसे में, अगर अपनी पसंद का कपड़ा ले आएं, तो जरूरी नहीं कि बच्चों को वो कपड़े पसंद ही आएं। तो बेहतर होगा कि त्योहार पर उनकी पसंद के कपड़ों के साथ उनकी खुशी दुगुनी कर दें।

पूजा की तैयारी में बच्चों की मदद लें

त्योहारों के दिनों में पूजा के लिए भी बहुत सी तैयारियां करनी पड़ती हैं। नवरात्रि हो या दीवाली, इन खास मौकों पर भगवान को चढ़ाने के लिए प्रसाद बनाने में आप बच्चे की मदद ले सकते हैं। यही नहीं, प्रसाद बांटने के लिए भी आप बच्चों को दीजिए।

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