तो क्या फीफा पर अर्जेंटीना को जिताने का दबाव है ?

तो क्या फीफा पर अर्जेंटीना को जिताने का दबाव है ?

मैच में कब क्या हो जाए, किसी को पता नहीं चलता। फीफा वर्ल्ड कप में ही देख लें। आखिर तक आते-आते लगता है कि फलां टीम जीत जाएगी, लेकिन फिर मैच अंतिम कुछ मिनटों में पलट जाता है। यह कहीं न कहीं खेल का एक हिस्सा है। लेकिन कभी-कभी कुछ ऐसा हो जाता है कि लगता है, कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं हो रही। टॉप 16 में शामिल टीमें अब क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए एड़ी से चोटी का दम लगा रही हैं। मुकाबले जारी हैं। इसी कड़ी में मिस्र और अर्जेंटीना का मुकाबला हुआ। इस मुकाबले में अर्जेंटीना 3-2 से जीतकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह बना चुकी है।

78 मिनट तक था दबाव

इस मैच की बात करें तो मिस्र का मुकाबला अर्जेंटीना जैसी बड़ी टीम से था, जहां मेसी जैसे मजबूत खिलाड़ी मौजूद थे। उसके बावजूद भी 78 मिनट तक मिस्र दो गोल दागकर बढ़त बनाए हुए था। लेकिन आखिरी मिनटों में अर्जेंटीना ने कमबैक किया और तीन गोल दाग दिए। हालांकि इस मैच में मिस्र का एक गोल रद्द हुआ। इसी गोल की वजह से विवाद शुरू हुआ।

फिक्स है वर्ल्ड कप?

गोल का रद्द होना मिस्र को अखर गया। उनके खिलाड़ी जिको ने फीफा वर्ल्ड कप फिक्स होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रेफरी ने पक्षपात किया है। उन्होंने हमारी टीम की मेहनत पर पानी फेर दिया। आपको बता दें कि जब अर्जेंटीना की जीत की घोषणा हुई थी, उस समय भी जिको मैदान पर काफी नाराज नजर आ रहे थे। जिको मिस्र के फॉरवर्ड खिलाड़ी हैं। यह गोल उन्होंने ही किया था, जिसे VAR ने रद्द कर दिया। वहीं टीम के कोच होसम हसन ने भी कहा है कि फीफा नहीं चाहता था कि अर्जेंटीना और मेसी इस वर्ल्ड कप से बाहर हों।

रेफरी की मेहरबानी

अगर फीफा की बात करें तो इसमें विवादों का होना कोई नई बात नहीं है। लेकिन इस बार के इस विवाद ने साल 2022 में कतर विश्व कप के दौरान रेफरिंग को लेकर उठे सवालों की चर्चा को फिर से हवा दे दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार जब अर्जेंटीना जीता, तो इस बात की चर्चा नहीं हो रही कि वो कैसे जीता या उसकी क्या रणनीति रही। बल्कि चर्चा रेफरी और VAR के फैसलों की हो रही है।

खैर, अब अर्जेंटीना जीत चुकी है। लेकिन यह विवाद लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रह सकता है।

बेल्जियम और अमेरिका का विवाद

इससे पहले इसी वर्ल्ड कप में फीफा पर बेल्जियम और अमेरिका के मैच को लेकर भी विवाद सामने आया था। जब अमेरिका के खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन का प्रतिबंध हटाकर उन्हें राउंड ऑफ 16 में खेलने की अनुमति दे दी गई थी। हालांकि इसके बावजूद भी बेल्जियम अमेरिका को हराने में कामयाब रही।

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