कहते हैं फीफा वर्ल्ड कप एक खेल भर नहीं है। यह बहुत-सी जीत और हार की कहानियों में खुद को समेटे हुए है। इस विश्व कप में जीत से जुड़ी कुछ ऐसी ही कहानी लिख दी इस छोटे से देश नार्वे ने। ब्राज़ील जैसी टीम के सामने न सिर्फ इसने शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि फुटबॉल विश्व कप के इतिहास में यह टीम पहली बार क्वार्टर फाइनल खेलेगी, जहां इसका मुकाबला इंग्लैंड से होगा। यूं तो नॉर्दर्न लाइट्स का देश नार्वे, जो जियोग्राफिकली पृथ्वी के उत्तरी हिस्से में आता है, लेकिन आज नार्वे की फुटबॉल टीम ने विश्व कप 2026 में अपने प्रदर्शन से उसे दुनिया की नज़रों के सामने लाकर खड़ा कर दिया है। नार्वे की तरफ से दोनों गोल एर्लिंग हालैंड ने किए। खास बात यह भी है कि हालैंड, मेसी और एम्बापे 7-7 गोल के साथ गोल्डन बूट की रेस में बराबरी पर हैं। फिलहाल यह खिलाड़ी अपने खेल की वजह से सनसनी बटोर रहा है।
नार्वे की जीत
हालैंड के अकेले दो गोल के बाद तो कोई डाउट ही नहीं होना चाहिए था कि मैच का हीरो कौन रहा। लेकिन नार्वे के गोलकीपर ओरजान नायलैंड को थोड़ा ज्यादा श्रेय जाएगा। ब्राज़ील को 15वें मिनट में ही पेनल्टी मिल गई थी, लेकिन गोलकीपर ओरजान के शानदार सेव ने ब्राज़ील की पेनल्टी को गोल में बदलने नहीं दिया। अगर ऐसा नहीं होता तो ब्राज़ील 1-0 की बढ़त बना लेती। मैच के 58वें मिनट में कुन्हा मैदान पर आए और ऐसा लगा कि उन्होंने गोल कर ही दिया, लेकिन गोल पोस्ट लगभग खाली होने के बावजूद उनका शॉट मिस हो गया। नार्वे के गोलकीपर ओरजान अपनी टीम के लिए एक दीवार की तरह खड़े थे। ब्राज़ील के कई गोल रोकने में वे कामयाब रहे। आखिरकार नार्वे ने ब्राज़ील को 2-1 से हरा दिया।
टूट गया नेमार का सपना
ब्राज़ील के सीनियर खिलाड़ी नेमार के लिए यह मैच चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ भावुक भी रहा। उन्होंने अपनी टीम के लिए एक गोल भी किया, लेकिन जीत दूसरी टीम की हुई। जैसे ही मैच खत्म होने की घोषणा हुई और अंतिम सीटी बजी, उसी वक्त नेमार मैदान पर बैठकर फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने अपने रिटायरमेंट का भी ऐलान कर दिया। उनके लिए यह पल भावुक इसलिए भी था क्योंकि 16 साल पहले उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इसी मैदान से की थी और संन्यास भी उन्होंने इसी मैदान से लिया। वो ब्राज़ील की जर्सी से अपना चेहरा ढककर आंसू पोंछ रहे थे। उनके साथ-साथ उनके फैंस भी स्टेडियम में बेहद गम में थे। वो अपने स्टार स्कोरर के लिए रो रहे थे। खैर, इन सबके बीच नेमार की पत्नी मैदान में आईं और उन्होंने नेमार को संभाला।
खैर, 34 वर्षीय नेमार ने अब इंटरनेशनल फुटबॉल को अलविदा कह दिया है। फुटबॉल का इतिहास उन्हें एक बेहतरीन स्कोरर के तौर पर याद रखेगा।
इस तरह के और लेख पढ़ने के लिए हमारी केटेगरी "स्पोर्ट्स" पर क्लिक करें।



