आख़िरी 5 मिनट में बेल्जियम ने कटाया आख़िरी 16 का टिकट

आख़िरी 5 मिनट में बेल्जियम ने कटाया आख़िरी 16 का टिकट

बस पांच मिनट में आया... अक्सर पुरुषों की बातचीत में यह लाइन कॉमन है और इस लाइन की लाज रखी बेल्जियम की फुटबॉल टीम ने। आख़िरी 5 मिनट से पहले स्कोर था बेल्जियम 0, सेनेगल 2 (0-2)। लेकिन बेल्जियम के खिलाड़ियों ने 5 मिनट के भीतर दो गोल कर स्कोर 2-2 की बराबरी पर ला दिया। क्योंकि निर्धारित समय तक स्कोर बराबरी पर था, इसलिए रेफरी की तरफ से एक लंबा इंजरी टाइम दिया गया ताकि मैच का नतीजा निकल सके। और मैच के 125वें मिनट में सेनेगल के लामिन कामरा ने फाउल किया, जिससे बेल्जियम को पेनल्टी मिली। बेल्जियम के टीलेमांस ने इस पेनल्टी को गोल में बदलकर 3-2 से यह मैच जिता दिया।

मैच की हाईलाइट्स

बेल्जियम और सेनेगल के बीच आख़िरी 16 की जंग में सेनेगल शुरुआत से कॉन्फिडेंट लग रही थी। मैच के 24वें मिनट में ही हबीब डियारा ने गोल कर सेनेगल को शानदार शुरुआत दिलवा दी। हाफ टाइम तक सेनेगल अपनी लीड को बरकरार रखने में कामयाब रही। दूसरे हाफ की शुरुआत (51वें मिनट) में ही इस्माइला सार ने शानदार गोल कर सेनेगल को 2-0 की बढ़त पर ला दिया। बेल्जियम भी अपनी तरफ से पूरी कोशिश में लगी हुई थी। उनके लिए पहला गोल रोमेलु लुकाकु ने 86वें मिनट में मारा और 3 मिनट बाद ही बेल्जियम के कप्तान यूरी टीलेमांस ने हेडर के ज़रिए गोल कर मैच 2-2 की बराबरी पर ला दिया। 125वें मिनट में विजयी गोल दागते हुए कप्तान यूरी टीलेमांस ने पेनल्टी को गोल में तब्दील कर 3-2 से मैच समाप्त किया।

क्या ख़ास रहा इस जीत में

पिछले 11 विश्व कप से कोई भी टीम दो गोल या उससे अधिक से पिछड़ने के बाद जीत नहीं पाई थी, लेकिन बेल्जियम ने आख़िरी पल तक जान लगाकर खेला और मैच का रुख बदल दिया। सेनेगल अति-उत्साह में मात खा गई। ऐसा उनके कोच के बयान से लगता है। उन्होंने कहा कि फुटबॉल का मैच 90 मिनट का होता है, ना कि 85 मिनट का। मैच के आख़िरी क्षणों में दी गई पेनल्टी पर भी काफी विवाद देखने को मिला। VAR की मदद से दी गई पेनल्टी पर सेनेगल के खिलाड़ियों ने काफी विरोध जताया, जिससे मैच 10 मिनट तक रुका रहा। आपको बता दें कि VAR यानी वीडियो असिस्टेंट रेफरी, मैदान पर मौजूद मुख्य रेफरी को वीडियो रीप्ले देखकर बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लेने में मदद करता है। इसका मुख्य उद्देश्य मानवीय गलतियों को कम करना और खेल में निष्पक्षता बनाए रखना है। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि VAR हर छोटी बात में दखल देता है। जब कुछ अति महत्वपूर्ण होता है, तभी इसकी सेवाएं ली जाती हैं।

खेल कभी भी पलट सकता है

बेल्जियम और सेनेगल के इस मुकाबले का अगर हम टेकअवे देखें तो आसानी से एक बात समझ आती है कि कोशिश करना अंतिम समय तक छोड़ना नहीं है। वो गेम जो 85 मिनट तक सेनेगल की टीम के पास था, सिर्फ पांच मिनट के अंदर पासा पलट गया। वहीं एक और सीख इस मैच में छिपी है कि जीत तभी माननी चाहिए, जब जीत हो जाए। वरना जीती हुई बाजी कब आपके हाथ से निकल जाएगी, आपको पता नहीं चलेगा।

खैर, यह खेल का मैदान है। यहां कभी भी कुछ भी हो सकता है। अब बेल्जियम को अगले मैच में मेज़बान अमेरिका का सामना करना है।

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