अगर हालात कुछ विपरीत हों तो आपको उन हालातों से हार नहीं माननी होती, बल्कि अपने हौसले बुलंद रखते हुए वो हासिल करना होता है, जो मुश्किल सही लेकिन नामुमकिन नहीं है। टॉप 16 में अमेरिका और बेल्जियम के मैच में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। दरअसल अमेरिका के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन पर एक मैच के प्रतिबंध को फीफा ने निलंबित कर दिया था। यह माना जा रहा था कि बेल्जियम के खिलाफ होने वाले मैच में वो नहीं खेलेंगे। लेकिन वो खेले। मैदान के बाहर ही बेल्जियम को एहसास हो गया था कि यह सही नहीं है। उनके साथ गलत हो रहा है। खैर, इस असंतोष के साथ भी वे खेले। जीत का परचम अपने हाथ में लेकर उन्होंने साबित कर दिया कि अगर आप मेहनत करते हैं तो बिना किसी सपोर्ट के भी जीत सकते हैं। बहरहाल, पुर्तगाल, ब्राज़ील के बाद अमेरिका भी फीफा वर्ल्ड कप से बाहर हो गई है।
ट्रंप का सपोर्ट भी आया नजर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि हमने फीफा से बालोगुन के प्रतिबंध की समीक्षा करने के लिए कहा था। अगर यह प्रतिबंध लागू रहता तो इससे टूर्नामेंट की छवि खराब होती। इस पर बड़ा दाग लगता। हालांकि इस खिलाड़ी के प्रतिबंध का हटना काफी अजीब था। फीफा के इस फैसले की काफी आलोचना हुई है। यूईएफए, बेल्जियम और इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस टुखेल ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। दरअसल बालोगुन पर बोस्निया-हर्ज़ेगोविना के डिफेंडर तारिक मुहरेमोविच पर फाउल करने की वजह से मैदान में रेड कार्ड दिखाया गया था। चूंकि यह एक मैच का प्रतिबंध था, इसलिए माना जा रहा था कि यह खिलाड़ी बेल्जियम के खिलाफ होने वाले मैच में नहीं खेलेंगे। लेकिन तमाम आलोचनाओं के बावजूद वो खेले।
जीते भी बहुत आसानी से
स्वाभाविक-सी बात है कि बेल्जियम की टीम को इस प्रतिबंध का हटना बहुत बुरा लग रहा था। लेकिन फीफा के इस फैसले से टीम टूटी नहीं और मजबूती से खड़ी होकर 4-1 से जीत अपने नाम कर ली। बेल्जियम के खिलाड़ी चार्ल्स डी केटेलारे ने पहले हाफ में दो गोल करके मुकाबले में दबदबा बना लिया था। इसके बाद अमेरिका के मलिक टिलमैन ने फ्री किक पर गोल करके स्कोर 2-1 कर दिया। लेकिन दूसरे हाफ में अमेरिका के गोलकीपर मैट फ्रीज़ से गलती हो गई, जिसका फायदा बेल्जियम ने एक और गोल करके उठाया। इसके बाद इंजरी टाइम में बेल्जियम के स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकू ने गोल कर टीम की जीत पक्की कर दी।
टीम ने सोशल मीडिया पर अमेरिका की टीम पर तंज कसते हुए लिखा, "अब हिम्मत है तो पलट कर दिखाओ।" खैर, अब बेल्जियम का क्वार्टर फाइनल का टिकट पक्का हो गया है। उसका अगला मुकाबला स्पेन से होगा। अब देखना यह है कि दुनिया भर में रेड डेविल्स के नाम से मशहूर यह टीम स्पेन के खिलाफ कैसा खेल दिखाती है।
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