ब्राज़ील के बाद अब पुर्तगाल भी टॉप 16 से बाहर, फीफा से रोनाल्डो की भावुक विदाई

ब्राज़ील के बाद अब पुर्तगाल भी टॉप 16 से बाहर, फीफा से रोनाल्डो की भावुक विदाई

ब्राज़ील के बाद अब पुर्तगाल भी टॉप 16 से बाहर हो चुका है। टॉप 16 में पहुंची टीमों के बीच अब कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। जहां एक ओर ब्राज़ील का हार जाना लोगों को हैरान कर गया, वहीं रोनाल्डो के नेतृत्व में खेल रही पुर्तगाल की टीम भी अब फीफा वर्ल्ड कप से बाहर हो चुकी है। इसके साथ ही रोनाल्डो का विश्व कप जीतने का सपना भी टूट गया। हालांकि कयास लगाए जा रहे थे कि ब्राज़ील के नेमार की तरह ही रोनाल्डो भी इंटरनेशनल टीम से संन्यास ले लेंगे। लेकिन शायद रोनाल्डो का अभी खेल में कुछ और अच्छा और हैरतअंगेज़ आना बाकी है।

स्पेन ने ली बढ़त

पुर्तगाल स्पेन के साथ खेल रही थी। मैच बेहद रोमांचक था। 90 मिनट के इस मुकाबले में दोनों टीमें बराबरी पर रहीं। लेकिन स्पेन के लिए हीरो बनकर आए सब्स्टीट्यूट मिकेल मेरिनो। उन्होंने मैच के आखिरी लम्हों में गोल दाग दिया। इसी के साथ रोनाल्डो का वर्ल्ड कप जीतने का सपना टूट गया।

रोनाल्डो भावनाओं में फैसले नहीं लेते

हार के बाद रोनाल्डो के चेहरे पर दर्द साफ नजर आ रहा था। वो मैदान में रो भी रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप से इस तरह विदाई लेना दुखद है। मैंने अपना बहुत कुछ इस खेल को दिया है। मैं साफ अंतरात्मा के साथ जा रहा हूं। यह मेरा आखिरी वर्ल्ड कप था। मैंने बहुत कोशिश की। अब मेरे पास सोचने और परिवार को समय देने का अवसर होगा। उन्होंने कहा कि मैं भावनाओं और जल्दबाजी में कोई फैसले नहीं लेता। यह बात इस ओर संकेत करती है कि भले ही वर्ल्ड कप से उन्होंने विदाई ले ली हो, लेकिन पुर्तगाल के लिए उनका खेल अभी बाकी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया करारा जवाब

रोनाल्डो 41 साल के हैं। छह बार वो वर्ल्ड कप खेल चुके हैं। वे इंटरनेशनल स्तर के स्टार खिलाड़ी हैं। उन्होंने इंटरनेशनल फुटबॉल में 146 गोल दागे हैं। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। वे अपने देश के लिए सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं। लेकिन एक खिलाड़ी से ज्यादा वो एक बेहतरीन इंसान हैं। बेहद गरीब परिवार से आए रोनाल्डो बहुत लोगों की मदद करते हैं। वो काफी चैरिटी भी करते हैं। उन्हें दानवीर और परोपकारी खिलाड़ियों में गिना जाता है। वो एक भावुक और दिल के साफ इंसान हैं। स्पेन के खिलाफ खेलने से पहले जब उनके खेल की काफी आलोचना की जा रही थी, तब उन्होंने कहा कि वो पैशन के लिए खेलते हैं। पिछले 23 साल से उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन वो अपनी जिंदगी और फुटबॉल को बहुत कुछ दे चुके हैं। अपने संन्यास और भविष्य को लेकर उन्होंने कहा, "मैं कब रुकूंगा, यह मैं तय करूंगा, आप नहीं।"

इस तरह के और लेख पढ़ने के लिए हमारी केटेगरी "स्पोर्ट्स" पर क्लिक करें।

सर हिजाब है, मेरा हाथ लगाने से पहले सोच लिया करिए
सर हिजाब है, मेरा हाथ लगाने से पहले सोच लिया करिए

दुनिया में सारे लोगों को हम महिलाओं के पहनावे को लेकर बहुत परेशानी है। हम महिलाएं अगर कुछ फैशनेबल कपड़े पहन लें तो मुसीबत और अगर हम हिजाब पहन लें तो...

Read More
अलविदा विनोद कुमार शुक्ला, हमारी पीढ़ी के प्रेमचंद्र
अलविदा विनोद कुमार शुक्ला, हमारी पीढ़ी के प्रेमचंद्र

विनोद कुमार शुक्ला नहीं रहे, वे काफी दिनों से बीमार थे, अस्तपाल में भर्ती थे। हम जैसे उनके प्रशंसकों को पता था कि यह खबर आने वाले ही वाली है। उनकी...

Read More