फीफा वर्ल्ड कप में टॉप 16 में अपनी जगह बनाने की जंग जारी है। पैराग्वे, फ्रांस, अर्जेंटीना, स्पेन, ब्राज़ील, मोरक्को, मैक्सिको और यूएसए के साथ इंग्लैंड ने भी अपनी जगह बना ली है। इंग्लैंड को यह जीत दिलाने वाले उनके सुपरस्टार हैरी कैन रहे। इंग्लैंड की टीम ने डीआर कांगो को 2-1 से हराया। इस जीत के लिए हैरी कैन ने दो गोल किए।
सौ सुनार की, एक लुहार की
इंग्लैंड को यह जीत दिलाने वाले हैरी कैन फीफा में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। गोल्डन बूट के लिए भी वो एक तगड़े दावेदार हैं। इस बूट की रेस में मेसी और एम्बापे का नाम चल रहा है। यह दोनों छह-छह गोल कर चुके हैं। वहीं एम्बापे दो गोल में असिस्ट भी कर चुके हैं। ऐसे में तकनीकी रूप से एम्बापे टॉप पर और दूसरे नंबर पर मेसी हैं। वहीं तीसरे नंबर पर हैरी कैन हैं। इनके साथ नीदरलैंड्स के हर्ली भी इस गोल्डन बूट के दावेदार हैं।
अब बात करते हैं हैरी के खेल की, तो जिस तरह इस मैच के आखिरी 15 मिनट में उन्होंने दो गोल दागे हैं, उससे पता चल गया कि वास्तव में "सौ सुनार की, एक लुहार की" कहावत का मतलब क्या होता है। सच में हीरो हैं हैरी कैन।
हैरी क्यों महत्वपूर्ण हैं
खैर, डीआर कांगो के साथ हुए इस मैच में यह साबित हो गया कि हैरी कैन टीम के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं। आपको बता दें कि जब गेम शुरू हुआ तब इंग्लैंड 0-1 से पीछे थी। सातवें मिनट में सिपेंगा के गोल ने इंग्लैंड को बुरी तरह झकझोर दिया था। यह गोल 75वें मिनट तक काम आया। यानी कि डीआर कांगो 75 मिनट तक 1-0 से आगे चल रही थी। वो गेम में हावी हो रही थी। अब गेम में सिर्फ 15 मिनट बचे थे। लेकिन जैसे बॉलीवुड फिल्मों में हीरो की एंट्री होती है, बस वैसे ही हैरी कैन ने गोल दागकर गेम को बदलने की शुरुआत कर दी। इसके बाद 86वें मिनट में उन्होंने एक और गोल कर दिया। इन दोनों गोलों को एंथनी गॉर्डन ने असिस्ट किया।
अब होगा मुकाबला
इस जीत के साथ इंग्लैंड की टीम टॉप 16 में पहुंच चुकी है। अब इंग्लैंड का अगला मुकाबला मैक्सिको के साथ होगा। मैक्सिको फीफा वर्ल्ड कप का सह-मेज़बान है। इंग्लैंड टीम की खास बात यह है कि इंग्लैंड अभी तक इस वर्ल्ड कप में अजेय रही है। अब देखना यह है कि पिछले मैचों की तरह हैरी कैन अपनी टीम के हीरो बनेंगे या कोई दूसरी टीम इस बार उनके सामने चुनौती या चट्टान के तौर पर खड़ी नजर आएगी।
कांगो का प्रयास भी कम नहीं
हैरी कैन ने बेशक कमाल का खेला और अपने बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से टीम को टॉप 16 में पहुंचाने में कामयाब रहे। लेकिन डीआर कांगो की टीम भी बहुत अच्छा खेली। पहली बार यह टीम नॉकआउट में पहुंची है। अफ्रीका की यह टीम दूसरी बार वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही है। वहीं इनके खिलाड़ी ब्रायन सिपेंगा ने बहुत खूबसूरत खेला। इस मैच में 7वें मिनट में उन्होंने ऐतिहासिक गोल दाग दिया। इसी के साथ सिपेंगा डीआर कांगो के लिए फीफा विश्व कप के नॉकआउट में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। 28 वर्षीय ब्रायन सिपेंगा ने 2025 में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। यह उनके करियर का 10वां मैच है। उन्होंने पहली बार इंटरनेशनल फुटबॉल में कोई गोल किया है। इस गोल ने इंग्लिश फुटबॉल प्रेमियों को टेंशन दे दी थी।
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