हम सभी जानते हैं कि इस समय पूरी दुनिया में अगर एक ही चीज की चर्चा है तो वो है फीफा वर्ल्ड कप। इस वक्त टॉप 16 में जगह बनाने के लिए टीमें एड़ी से चोटी का दम लगा रही हैं। इसी कड़ी में राउंड ऑफ 32 के एक अन्य मुकाबले में फ्रांस ने स्वीडन को एकतरफा 3-0 से हराकर राउंड ऑफ 16 में धमाकेदार एंट्री मारी है। इस मैच के हीरो रहे पूरी दुनिया के फुटबॉल फैंस के फेवरेट एम्बापे, जिन्होंने मैच के 45वें और 74वें मिनट में शानदार गोल दागकर बता दिया कि फुटबॉल के साथ उनकी दोस्ती बहुत पुरानी है। इस मैच में बारकोला ने 53वें मिनट में गोल मारा। लेकिन फ्रांस ने इस मैच को पूरी तरह से अपने कंट्रोल में रखा और दुनिया के सामने अपने इरादे ज़ाहिर कर दिए। एम्बापे का नाम अभी मेसी और रोनाल्डो के बाद आता है, लेकिन फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर में खेल का वो जुनून है कि जल्दी ही ये दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी होने का खिताब अपने नाम कर सकते हैं।
बादशाहत किसी ताज की मोहताज नहीं
फ्रांस के इरादे मैच के पहले मिनट से ही साफ झलक रहे थे। जब आगाज़ ही इतना अच्छा था तो अंजाम तो अच्छा होना ही था। फर्स्ट हाफ यानी पहले 45 मिनट में फ्रांस ने 15 शॉट मारे। एम्बापे का एक गोल ऑफसाइड की वजह से अमान्य घोषित हुआ और फिर कुछ देर बाद एक शॉट गोल पोस्ट से टकराकर मिस हो गया। लेकिन खेल में यह सब चलता रहता है। फिर एक मौका और आया, जिसमें माइकल ओलीसे की बेहतरीन ओवरहेड किक भी गोल पोस्ट से टकराकर छिटक गई। इतने प्रयासों के बावजूद भी स्कोर का कॉलम पहले हाफ के निर्धारित समय तक 0-0 ही रहा। प्रकृति और प्रयास मानो मांग रहे थे और एम्बापे "हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा" वाला जुनून लेकर मैदान में उतरे थे। फर्स्ट हाफ के इंजरी टाइम में एम्बापे फिर से एक बार अपने लक्ष्य की तरफ बढ़े और शानदार गोल दागकर फ्रांस को बढ़त दिला दी।
स्वीडिश टीम का बिखरा हुआ खेल
कभी-कभी कोई दिन आपका नहीं होता। स्वीडिश टीम इस पूरे मैच में कुछ कमाल नहीं दिखा पाई। हालांकि स्वीडिश गोलकीपर ने कई शानदार बचाव किए। लेकिन बेहतरीन पासिंग स्किल के लिए मशहूर फ्रांसीसी टीम दूसरे हाफ में भी डोमिनेट करती नज़र आई। 53वें मिनट में ओलीसे के शानदार पास की मदद से बारकोला ने गोल कर दिया। 74वें मिनट में फ्रांस के कप्तान एम्बापे ने गोल मारकर इस वर्ल्ड कप में अपने गोलों की संख्या 6 तक पहुंचा दी।
रोमांचक रहेगा मुकाबला
राउंड ऑफ 16 में फ्रांस का मुकाबला अब पैराग्वे से होगा। अब ये तो वक्त बताएगा कि क्या पैराग्वे एक और उलटफेर करने में कामयाब होगी या फ्रांस का यह विजयी रथ ऐसे ही चलता रहेगा। लेकिन फ्रांस को इस बात को याद रखना चाहिए कि पैराग्वे ने जर्मनी जैसी टीम को हराकर टॉप 16 में अपनी जगह बनाई है। ऐसे में उनकी तैयारी भी कुछ कम नहीं होगी। बहरहाल, इस मुकाबले का फैंस को इंतज़ार रहेगा।
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