फीफा वर्ल्ड कप में सोमवार को यह तय हो जाएगा कि ट्रॉफी स्पेन के नाम रहेगी या अर्जेंटीना के। लेकिन उससे पहले एक शानदार मुकाबला खेलते हुए इंग्लैंड ने तीसरे स्थान पर अपनी जगह पक्की कर ली है। इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर यह जीत हासिल की। खेल समीक्षकों की मानें तो इंग्लैंड ने पिछले 60 वर्षों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। इस बार जीत का सेहरा इंग्लैंड के खिलाड़ी बुकायो साका के सिर बंधा। उनकी हैट्रिक के दम पर इंग्लैंड जीतने में कामयाब रहा। यही कारण है कि इस समय एम्बापे के साथ बुकायो साका के नाम की भी खूब चर्चा हो रही है। 24 वर्षीय बुकायो ने अपने जीवन में कम संघर्ष नहीं देखा है, लेकिन आज वह टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। वे बेहद विनम्र स्वभाव के हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि उनके पिता हमेशा उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रहे हैं। बचपन से उन्होंने उन्हें जमीन से जुड़ा रहना और विनम्र बने रहना सिखाया।
एम्बापे का बन गया वर्ल्ड रिकॉर्ड
इस मैच में जहां इंग्लैंड की टीम की चर्चा हो रही है, वहीं एम्बापे का प्रदर्शन भी एक बेहतरीन खिलाड़ी और कप्तान के रूप में सामने आया। फ्रांस को इस बार भले ही चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा, लेकिन एम्बापे फिलहाल गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे पहुंच चुके हैं। इंग्लैंड के खिलाफ इस मैच में एम्बापे ने दो गोल किए और एक गोल में असिस्ट भी दिया। इसी के साथ उन्होंने एक नया विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उन्होंने अर्जेंटीना के कप्तान मेसी को पीछे छोड़ दिया। इस टूर्नामेंट में मेसी के 8 गोल हैं, जबकि एम्बापे अब तक 10 गोल कर चुके हैं। वहीं कुल वर्ल्ड कप मुकाबलों की बात करें तो एम्बापे ने 22 मैचों में 22 गोल किए हैं, जबकि मेसी के नाम 32 मैचों में 21 गोल हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि स्पेन के खिलाफ फाइनल में मेसी गोल कर पाते हैं या नहीं।
इंग्लैंड ने यूं जीता मुकाबला
तीसरे स्थान के लिए खेले गए इस मुकाबले में इंग्लैंड का शानदार टीमवर्क देखने को मिला। पहले हाफ में इंग्लैंड ने फ्रांस को एक भी गोल करने का मौका नहीं दिया और 4-0 की बढ़त बना ली। इंग्लैंड को पहला गोल मैच शुरू होने के तीसरे मिनट में ही मिल गया था। इसके बाद एजरी कोसा ने 18वें मिनट में गोल कर बढ़त दोगुनी कर दी। फिर बुकायो साका ने पहले हाफ के स्टॉपेज टाइम में लगातार दो गोल करके सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। ऐसा पहली बार हुआ जब फ्रांस ने किसी फीफा वर्ल्ड कप मैच के पहले हाफ में चार गोल खाए।
हालांकि दूसरे हाफ में कप्तान एम्बापे ने शानदार वापसी की। उन्होंने 48वें मिनट में गोल किया और उसके छह मिनट बाद ब्रैडली बारकोला ने स्कोर 4-2 कर दिया। इसके बाद एम्बापे ने एक और गोल कर फ्रांस की उम्मीदों को जिंदा रखा।
बहुत रोमांचक था मैच
इस मुकाबले में अंत तक रोमांच बना रहा। जब एम्बापे ने अपना दूसरा गोल किया, उस समय ऐसा लगने लगा था कि मैच का पासा पलट सकता है। इंग्लैंड के खिलाड़ियों के चेहरे पर भी तनाव साफ नजर आ रहा था। लेकिन फुटबॉल में अंतिम सीटी बजने तक कुछ भी हो सकता है। यहां भी ऐसा ही हुआ। मैच खत्म होने से महज तीन मिनट पहले बुकायो साका ने पेनल्टी को गोल में बदलकर अपनी हैट्रिक पूरी कर ली और इंग्लैंड को दो गोल की बढ़त दिला दी। इसके बाद स्टॉपेज टाइम में जूड बेलिंगहम ने गोल कर इंग्लैंड की जीत पर मुहर लगा दी।
अब देखते हैं वर्ल्ड कप किसके नाम रहता है
बहरहाल, लगभग एक महीने से चल रहा फीफा वर्ल्ड कप अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है। अर्जेंटीना और स्पेन फाइनल में आमने-सामने होंगे। दोनों देशों के प्रशंसकों और दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों को अब इस बात का इंतजार है कि क्या अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप अपने नाम करेगी या स्पेन का मजबूत डिफेंस एक बार फिर विपक्षी टीम को गोल करने से रोक देगा। फिलहाल फीफा वर्ल्ड कप सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावना बन चुका है।
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