क्या आप जानते हैं विंबलडन के रॉयल स्टैंड के बारे में ?

क्या आप जानते हैं विंबलडन के रॉयल स्टैंड के बारे में ?

लंदन अपने आप में एक ऐसा शहर है, जो अपने भीतर बहुत-सा इतिहास समेटे हुए है। यहां साहित्य का खजाना है तो खेल गतिविधियों की भी कोई कमी नहीं। इस शहर में हमेशा कुछ न कुछ चलता रहता है। अगर इन दिनों की बात करें तो फिलहाल विंबलडन खेला जा रहा है। यह हर साल जून और जुलाई माह में लंदन के प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस एंड क्रोकेट क्लब में खेला जाता है। यह ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट फिलहाल समापन की ओर है। विंबलडन की बात हो और उसके रॉयल स्टैंड का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता।

आइए बताते हैं आपको रॉयल स्टैंड के बारे में

विंबलडन का रॉयल स्टैंड या रॉयल बॉक्स सेंटर कोर्ट के अंदर स्थित एक बेहद वीआईपी और विशेष 74 सीटों वाला लाउंज है। जाहिर है कि यहां सिर्फ 74 सीटें हैं, इसलिए यहां मैच देखने वाले भी अपने आप में बेहद खास होते हैं। यहां मुख्य रूप से ब्रिटिश शाही परिवार, विदेशी राष्ट्राध्यक्ष, खेल जगत के दिग्गज, प्रमुख मीडिया हस्तियां और सैन्य अधिकारियों को मैच देखने के लिए आमंत्रित किया जाता है। इस बार भारत से सचिन तेंदुलकर और शुभमन गिल इस रॉयल बॉक्स में नजर आए थे। शुभमन गिल का सूट-बूट वाला लुक और रोजर फेडरर के साथ हुई बातचीत सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी।

पैसे की पहुंच नहीं

हम जैसे मिडिल क्लास लोगों को अक्सर लगता है कि ऐसी जगहों तक हमारी पहुंच कहां हो सकती है। यह तो अमीर लोगों के लिए ही बनी हैं। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। इस रॉयल बॉक्स की सबसे खास बात यह है कि आपके पास चाहे कितना भी पैसा हो, यहां का टिकट खरीदा नहीं जा सकता। यहां केवल विशेष निमंत्रण के जरिए ही प्रवेश मिलता है। यहां किसी भी प्रकार के पास का भी कोई प्रबंध नहीं होता।

विंबलडन का जाना-पहचाना चेहरा हैं सचिन

अक्सर रॉयल बॉक्स में आपको खेल जगत में नाम कमा चुके लोगों को आमंत्रित किया जाता है। सचिन तेंदुलकर की बात करें तो वे ऑल इंग्लैंड क्लब के लिए एक बेहद पुराने और जाने-पहचाने चेहरे हैं। वे हर साल SW19 (विंबलडन) की परंपरा का हिस्सा बनते हैं। उनके साथ युवराज सिंह, वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, विराट कोहली, रोहित शर्मा और अब शुभमन गिल को भी रॉयल बॉक्स में बैठने का निमंत्रण मिल चुका है। इस बार सचिन के साथ वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा भी मैच का लुत्फ उठाते नजर आए। इसके अलावा मनोरंजन जगत से प्रियंका चोपड़ा भी रॉयल बॉक्स में नजर आ चुकी हैं। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि दुनिया भर से किन लोगों को बुलाया जाए, इसका फैसला कौन करता है? तो आपको बता दें कि ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस क्लब (AELTC) के चेयरमैन की ओर से इन विशेष मेहमानों को आमंत्रित किया जाता है।

ड्रेस कोड भी है खास

मैच है तो ऐसा नहीं है कि आप कुछ भी पहनकर चले जाएं। रॉयल बॉक्स है तो ड्रेस कोड भी खास होगा। यहां बैठने के लिए पुरुषों को सूट या ब्लेज़र और टाई पहनना जरूरी होता है। महिलाओं के लिए कोई विशेष ड्रेस तय नहीं है, लेकिन उन्हें भी शालीन परिधान पहनना होता है। हालांकि उन्हें टोपी पहनने की अनुमति नहीं होती, ताकि पीछे बैठे दर्शकों को मैच देखने में कोई रुकावट न हो। यहां के नियम काफी सख्त हैं। अगर आपने नियमों का पालन नहीं किया तो आमंत्रित होने के बावजूद आपको अंदर जाने से रोका जा सकता है। इसके अलावा यहां आपको बिल्कुल शांत बैठना होता है। हां, खिलाड़ियों के ब्रेक के दौरान आप बातचीत कर सकते हैं। बाकी समय यहां बिल्कुल पिन ड्रॉप साइलेंस रहता है।

मेहमाननवाज़ी भी होती है खास

जाहिर है कि अगर आपको रॉयल बॉक्स में चेयरमैन की ओर से आमंत्रित किया जाता है तो आपकी मेहमाननवाज़ी में भी कोई कमी नहीं छोड़ी जाती। यहां आने वाले मेहमानों को मैच देखने के साथ-साथ क्लब हाउस में मैच से पहले लंच और बाद में शाम की चाय व अन्य रिफ्रेशमेंट भी परोसे जाते हैं। कुल मिलाकर रॉयल बॉक्स में बैठकर मैच देखना अपने आप में किसी उपलब्धि से कम नहीं है। यह ऐसा अनुभव होता है, जो जिंदगी भर याद रहता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस रॉयल बॉक्स तक पहुंचने के लिए सिर्फ पहुंच या पैसा काम नहीं आता। आपने जीवन में कुछ ऐसा हासिल किया हो, जो वास्तव में असाधारण हो। शायद तभी आपके पास भी रॉयल बॉक्स का निमंत्रण पहुंचे।

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